उन्होंने कहा कि दिक्कत होने के बाद भी निगम ने अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभायी है. पिछले एक वर्ष में निगम ने विधवा भत्ता, वृद्धा भत्ता,गरीबों को चावल आदि देने की सुविधाओं को फिर से चालू किया. पिछले एक वर्ष में माकपा सांसदों ने निगम को काफी आर्थिक सहायता की है. इसके तहत सीताराम येचुरी ने 1 करोड़ 29 लाख, तपन सेन ने 90 लाख और ऋतब्रत बनर्जी ने 95 लाख रूपये की आर्थिक सहायता की है. इसके अतिरिक्त सिलीगुड़ी के तृणमूल विधायक डा. रूद्रनाथ भट्टाचार्य ने भी करीब 9 लाख रूपया दिया है.महानंदा एक्शन प्लान को लेकर केंद्र सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. केंद्रीय जल संसाधन और गंगा सफाई मंत्री उमा भारती ने सिलीगुड़ी नगर को एक पत्र भेजकर महानंदा को भी गंगा परियोजना के अंतर्गत शामिल करने की बात कही है.
राज्य सरकार पर आरोप लगाते उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं का पैसा राज्य सरकार नहीं दे रही है. इसके अतिरिक्त निगम ने पिछले वर्ष मुकाबले इस वर्ष लगभग दोगुने (8 करोड़ 48 लाख रूपया) संपत्ति कर की वसूली की है. इसके अतिरिक्त अन्य निगम कर के अंतर्गत 16 करोड़ 25 लाख रूपया की आय हुयी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब चार करोड़ 25 लाख रूपया अधिक है.
इस वर्ष कुल 9 हजार 153 नये व्यवसासियों को ट्रेड लाइसेंस दिया गया है., मातृ सदन के साथ सभी हेल्थ सेंटरों का जीर्णोद्धार किया गया. वर्ष में कुल 33 चिकित्सा शिविर लगाये हैं. इसके अतिरिक्त उन्होंने सिलीगुड़ी नगर निगम के पिछले एक वर्ष का लेखाजोखा पेश किया. पत्रकार सम्मेलन में उपमेयर राम भजन महतो, मेयर परिषद परिमल मित्रा, नुरूल इस्लाम, मुकुल सेनगुप्त, जय चक्रवर्ती, शंकर घोष, दुर्गा सिंह सहित कई माकपा वार्ड पार्षद भी उपस्थित थे.
