एग्जिट पोल देख उड़ी अशोक की नींद

सिलीगुड़ी. राज्य विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल के नतीजे प्रसारित होने के बाद से ही सिलीगुड़ी विधानसभा केंद्र से चुनाव लड़ रहे माकपा उम्मीदवार व सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक नारायण भट्टाचार्य ने नजरिए में बदलाव आ गया है. विधानसभा चुनाव के दौरान उनके बोलने के अंदाज और आज के अंदाज में काफी बदलाव […]

सिलीगुड़ी. राज्य विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल के नतीजे प्रसारित होने के बाद से ही सिलीगुड़ी विधानसभा केंद्र से चुनाव लड़ रहे माकपा उम्मीदवार व सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक नारायण भट्टाचार्य ने नजरिए में बदलाव आ गया है.

विधानसभा चुनाव के दौरान उनके बोलने के अंदाज और आज के अंदाज में काफी बदलाव देखा गया़ वह एक्जिट पोल के नतीजे से निराश नजर आ रहे थे़ विधानसभा चुनाव के पहले व मतदान के दौरान वह बार-बार तृणमूल सरकार को उखाड़ फेकने की बात कर रहे थे़ वह यह भी कहते थे कि 19 मई के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम को किसी भी प्रकार की आर्थिक दिक्कत नहीं होगी.क्योंकि सरकार गठबंधन की बनेगी़ सोमवार को एग्जिट पोल आने के बाद वह बदले-बदले से नजर आ रहे हैं. हालांकि अभी भी उन्होंने राज्य में माकपा-कांग्रेस गठबंधन सरकार बनने का भरोसा जताया है.

मंगलवार को श्री भट्टाचार्य सिलीगुड़ी नगर निगम के सभागार में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. यहां वे आने वाली सरकार से निगम के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों में सहायता करने का निवेदन करते नजर आये. उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने सिलीगुड़ी नगर निगम के साथ असहयोग किया है. जिसकी वजह से सिलीगुड़ी का विकास काफी अवरूद्ध हुआ है. कानूनन जो धन निगम को मिलना चाहिए था, उसे भी सरकार ने रोके रखा है. केंद्र से सिलीगुड़ी नगर निगम के लिए धन आवंटित होने के बाद भी राज्य सरकार देने में देरी करती आ रही है. राज्य की तृणमूल सरकार पर आरोप लगाते हुए श्री भट्टाचार्य ने कहा कि सिलीगुड़ी नगर निगम व सिलीगुड़ी महकमा परिषद में माकपा की जीत ने तृणमूल को झकझोर कर रख दिया है.

राजनीतिक बदले के इरादे से राज्य सरकार निगम व महकमा परिषद को सहायता नहीं दे रही है.अशोक भट्टाचार्य ने राज्य में नयी बनने वाली सरकार से सिलीगुड़ी नगर निगम व सिलीगुड़ी महकमा परिषद के साथ राजनीति नहीं करने की अपील की़ उन्होंने कहा कि निगम व महकमा के साथ आनेवाली सरकार को नये सिरे से सामंजस्य स्थापित करना चाहिए. निगम व महकमा परिषद के साथ राज्य सरकार की रंजिश नागरिकों के साथ किया एक धोखा है. आर्थिक संकट खड़ा कर सरकार विकास रोक रही है.

एक नेता की हैसियत से एग्जिट पोल के विषय में उन्होंने कहा कि इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. कुछ नागरिकों की राय पर किये गये सर्वे पर पूरे राज्य की जनता का फैसला निर्भर नहीं करता. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वर्ष 2004 के चुनाव में भी एग्जिट पोल के विपरीत नतीजे आये थे. देश में हुए पिछले कुछ चुनाव में भी एग्जिट पोल झूठ ही साबित हुआ है. इतना दिन इंतजार किया है और दो दिन की बात है. 19 को जनता के निर्णय का खुलासा होना है. हम आशावादी हैं कि इस बार बंगाल में माकपा-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनेगी.

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