सिलीगुड़ी : झारखंड व बिहार में दो पत्रकारों की हत्या तथा उत्तर बंगाल के मालदा में कई पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद उत्तर बंगाल के पत्रकारों में उबाल है. क्षेत्र के सभी पत्रकार संगठनों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है. उत्तर बंगाल में कूचबिहार से लेकर दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट तक पत्रकारों ने इस घटना की निंदा की है और तीव्र रोष प्रकट किया है.
सभी स्थानों पर शनिवर को काला दिवस का पालन किया गया. कई स्थानों पर पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है. सिलीगुड़ी में सभी पत्रकारों ने शनिवार को अपने बांह पर काला फीता लगाकर काम किया. सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में दिन के करीब 11 बजे पत्रकार इकट्ठा हुए और पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले की निंदा की. सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट एसोसिएशन के महासचिव अंशुमन चक्रवर्ती ने कहा कि झारखंड तथा बिहार में दो पत्रकारों की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गयी है. इसके अलावा आये दिन कहीं न कहीं पत्रकारों को काम करने से रोका जा रहा है.
मालदा की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मालदा मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने खबर इकट्ठा करने गये कई पत्रकारों के साथ मारपीट की. इस हमले में उत्पल मंडल नामक एक पत्रकार बुरी तरह से घायल हो गया है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. इतना ही नहीं, मौके पर जायजा लेने के लिए पहुंचे मंत्री कृष्णेन्दु चौधरी के साथ भी जुनियर डॉक्टरों ने धक्का-मुक्की की. इस तरह की घटना से सभी पत्रकार आहत हैं.
इस बीच, जलपाईगुड़ी प्रेस क्लब में भी शनिवार को काला दिवस का पालन किया गया. काला बैज पहनकर सभी पत्रकार सड़क पर उतरे तथा आम लोगों को काला बैज लगाकर अपना विरोध प्रकट किया. प्रेस क्लब के कांफ्रेंस हॉल में बिहार में मारे गये पत्रकार को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी. प्रेस क्लब के अध्यक्ष शांतनु कर ने पत्रकारों पर हमले की निंदा की है.
