तृणमूल नेताओं को सता रहा है भितरघात का डर
कूचबिहार : चुनाव परिणाम की घोषणा होने से पहले ही तृणमूल कांग्रेस शिविर में खलबली मची हुई है. पार्टी के कई नेता अपनी ही पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ मोरचा खोले हुए हैं और भितरघात का आरोप लगा रहे हैं. पहले इसकी शुरुआत दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सत्येन […]
कूचबिहार : चुनाव परिणाम की घोषणा होने से पहले ही तृणमूल कांग्रेस शिविर में खलबली मची हुई है. पार्टी के कई नेता अपनी ही पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ मोरचा खोले हुए हैं और भितरघात का आरोप लगा रहे हैं. पहले इसकी शुरुआत दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सत्येन राय ने की. इसके बाद उनके ही नक्शे कदम पर कूचबिहार जिले के शीतलकुची से चुनाव लड़ रहे हितेन वर्मन भी चल पड़े हैं.
हितेन वर्मन ने कहा है कि इस चुनाव में उन्हें जीत से कोई नहीं रोक सकता है. हालांकि जीत के अंतर में कमी आने की संभावना जरूर है. श्री वर्मन इसके लिए अपनी ही पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को कटघरे में खड़े कर रहे हैं. उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह जरूर कहा कि पार्टी के ही कई नेता और कार्यकर्ता इस चुनाव में उन्हें हराने के लिए काम कर रहे थे. भितरघात की आशंका करनेवाले तृणमूल नेताओं की सूची यहीं नहीं थम रही है. सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे तृणमूल उम्मीदवार बाइचुंग भुटिया भी मतदान के पहले से ही इस प्रकार की आशंका जाहिर करते रहे हैं.
हांलाकि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने इस मुद्दे पर कभी कुछ खुलकर मीडिया को कुछ नहीं कहा, लेकिन सिलीगुड़ी में अपनी पार्टी के नेताओं को कोसते रहते थे. उनके चुनाव प्रचार में पहले तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता हिस्सा नहीं ले रहे थे. जब उन्होंने नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की शिकायत ममता बनर्जी से करने की धमकी दी, तब उनके प्रचार में बड़े नेता अनमने ढंग से शामिल हुए.
इस बीच, हितेन वर्मन द्वारा भितरघात की आशंका जाहिर करने के बाद कूचबिहार में पार्टी नेताओं के बीच खलबली है. जिला अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ घोष का कहना है कि यदि श्री वर्मन किसी के खिलाफ कोई शिकायत करते हैं तो पार्टी इसकी जांच करायेगी.
