मालदा: राज्य में मतदान संपन्न हो जाने के साथ ही अटकलों का दौर जारी है. गंठबंधन नेताओं का कहना है कि वे मालदा में सभी 12 सीटें जीत रहे हैं, जबकि तृणमूल का खाता भी नहीं खुलेगा. वहीं तृणमूल के लोग बोल रहे हैं कि मालदा की दो सीटों पर तृणमूल पहले से ही काबिज थी और इस चुनाव में उसकी सीटों की संख्या और बढ़ेगी. वहीं भाजपा के नेता दावा कर रहे हैं कि इस बार उनका मालदा में खाता खुलना तय है. पार्टी ऑफिस हो या फिर चाय की दुकान, हर जगह राजनीतिक अटकलों की ही चरचा चल रही है.
मालदा में तीसरे चरण में 17 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था. उसके बाद से ही हर जगह लोग यही विश्लेषण कर रहे हैं कि कौन सी सीट किसकी झोली में जायेगी. केरल और तमिलनाडु राज्य में मतदान हो जाने के बाद पांच राज्यों में एक साथ 19 मई को चुनाव के नतीजे आयेंगे. मालदा के 12 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना दो जगहों पर होगी. मालदा सदर के पालीटेक्निक कॉलेज के अलावा चांचल महकमा के चांचल कॉलेज में वोट गिने जायेंगे. मालदा सदर में आठ विधानसभा सीटों के लिए मतगणना होगी. इनमें इंगलिश बाजार, वैष्णवनगर, सुजापुर, मोथाबाड़ी, मालदा, गाजोल, हबीबपुर और मानिकचक सीटें शामिल हैं. वहीं चांचल कॉलेज में चार विधानसभा सीटों हरिश्चन्द्रपुर, रतुआ, मालतीपुर और चांचल के लिए मतगणना होगी. 19 मई को जिले की सभी 12 सीटों के लिए कुल 95 उम्मीदवारों की किस्मत तय होगी.
जिला सीपीएम का दावा है कि इस बार मालदा की सभी 12 सीटें जोट के खाते में जायेंगी. सीपीएम के जिला सचिव अंबर मित्र का कहना है कि इस बार चुनाव में शुरू से ही जनमानस का रुझान गठबंधन की ओर था. मतदान के दिन भी लोग गंठबंधन के पक्ष में दिखे.
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मौसम नूर ने कहा कि गंठबंधन से मालदा जिले की तस्वीर एकदम बदल गयी. हमें उम्मीद भी नहीं थी कि बिल्कुल निचले स्तर तक गंठबंधन इतने बेहतर ढंग से काम कर पायेगा. इसलिए मालदा में तृणमूल की नैया डूबना तय है. जिन सीटों पर तृणमूल का कब्जा था, उसे भी वह बचा नहीं पायेगी. उन्होंने कहा कि नतीजों के लिए अभी कई दिन इंतजार करना है, लेकिन मालदा जिले का परिणाम गंठबंधन के लिए एक नया संदेश लेकर आयेगा. उन्होंने कहा कि हरिश्चन्द्रपुर और मालतीपुर विधानसभा क्षेत्रों में गंठबंधन प्रत्याशियों के बीच दोस्ताना मुकाबला हुआ. लेकिन उम्मीद है कि ये दोनों सीटें कांग्रेस ही जीतेगी.
हरिश्चन्द्रपुर सीट से वाम की ओर से फारवार्ड ब्लॉक को टिकट मिला और मालतीपुर सीट पर आरएसपी का उम्मीदवार है.
आरएसपी के जिला सचिव मंडली के सदस्य सर्वानंद पांडेय ने बताया कि हमारे उम्मीदवार रहीम बख्शी मालतीपुर से भारी वोटों से जीतेंगे. 2011 की तरह की इस बार भी वहां वोट पड़ा है. पिछली बार भी चतुष्कोणीय लड़ाई में वहां से आरएसपी का प्रत्याशी विजयी रहा था. वहीं हरिश्चन्द्रपुर सीट को लेकर फारवर्ड ब्लॉक के नेता हताश दिख रहे हैं. यह सीट उसके कब्जे में थी, लेकिन इस बार राह आसान नहीं लग रही है. तृणमूल के साथ मुकाबला था ही, ऊपर से कांग्रेस भी दोस्ताना मुकाबले में उतर आयी. इसके अलावा भाजपा का प्रत्याशी भी मैदान में है. यहां से फारवार्ड ब्लॉक के पूर्व विधायक पार्टी छोड़कर तृणमूल में चले गये थे और तृणमूल के टिकट से ही मैदान में उतर आये. इससे फारवर्ड ब्लॉक को काफी धक्का लगा है.
आरएसपी के जिला सचिव मंडली के सदस्य सर्वानंद पांडेय ने बताया कि हमारे उम्मीदवार रहीम बख्शी मालतीपुर से भारी वोटों से जीतेंगे. 2011 की तरह की इस बार भी वहां वोट पड़ा है. पिछली बार भी चतुष्कोणीय लड़ाई में वहां से आरएसपी का प्रत्याशी विजयी रहा था. वहीं हरिश्चन्द्रपुर सीट को लेकर फारवर्ड ब्लॉक के नेता हताश दिख रहे हैं. यह सीट उसके कब्जे में थी, लेकिन इस बार राह आसान नहीं लग रही है. तृणमूल के साथ मुकाबला था ही, ऊपर से कांग्रेस भी दोस्ताना मुकाबले में उतर आयी. इसके अलावा भाजपा का प्रत्याशी भी मैदान में है. यहां से फारवार्ड ब्लॉक के पूर्व विधायक पार्टी छोड़कर तृणमूल में चले गये थे और तृणमूल के टिकट से ही मैदान में उतर आये. इससे फारवर्ड ब्लॉक को काफी धक्का लगा है.
तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोअज्जम हुसैन ने कहा है कि 2011 के चुनाव के मुकाबले हमारे प्रदर्शन में सुधार होगा. इंगलिश बाजार और मानिकचक पर तो हमारा कब्जा बना ही रहेगा, इसके अलावा हम कुछ और सीटें भी जीतेंगे. मालतीपुर, रतुआ, मालदा, सुजापुर में हमें जीत की उम्मीद है. चुनाव के दौरान आम लोग सरकार के काम-काज को लेकर खुश दिखाई दिये. इससे हमें उम्मीद बंधी है.
भाजपा के जिला महामंत्री मानवेन्द्र चक्रवर्ती ने बताया कि इस बार में मालदा में हमारा खाता खुलेगा. वैष्णवनगर सीट से भाजपा प्रत्याशी की जीत होगी. इसके अलावा भी दो सीटों पर भाजपा के लिए अच्छी संभावना है.
