सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी जंक्शन के दो हजार से भी अधिक रेलवे कर्मचारियों को अप्रैल महीने का वेतन अब-तक न मिलने पर शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा. गुस्साये कर्मचारियों ने डिवीजनल फाइनेंस मैनेजर (डीएफएम) अमित राय पर लापरवाही व गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे कर्मचारी संगठन की सिलीगुड़ी जंक्शन यूनिट के बैनर तले आक्रोशित कर्मचारियों ने न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) रेलवे एरिया मैनेजर ऑफिस कैंपस में स्थित डीएफएम दफ्तर का घंटों घेराव किया और विरोध प्रदर्शन किया. लेकिन आरोपी अधिकारी अपने दफ्तर से नदारद थे और वह आज काम पर ही नहीं आये.
बाद में यूनियन के डिवीजनल सचिव रूपेश कुमार द्वारा डीआरएम (कटिहार) एफके मुखर्जी से कर्मचारियों को वेतन न मिलने की लिखित शिकायत की. डीआरएम ने शाम तक वेतन मिल जाने का आश्वासन दिया. डीआरएम से मिले आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी रेलवे कर्मचारियों ने करीब डेढ़ बजे प्रदर्शन हटाया. सिलीगुड़ी जंक्शन यूनिट के अध्यक्ष प्रदीप गजमेर ने बताया कि मई महीने की छह तारीख हो गयी और अभी तक सिलीगुड़ी जंक्शन के मेडिकल व डीजल शेड के दो हजार से भी अधिक कर्मचारियों को अप्रैल महीने का वेतन नहीं मिला है. जबकि पहले हर महीने की 29 तारीख को ही वेतन मिल जाता था. श्री गजमेर ने डीएफएम पर बीते दो-तीन महीने से जानबूझ कर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि समय पर वेतन न मिलने से कर्मचारियों को काफी समस्याओं में पड़ना पड़ रहा है. बच्चों की स्कूल फीस, होम लोन आदि कर्मचारी समय पर नहीं चुका पा रहे हैं. इस वजह से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. साथ ही मानसिक तनाव में दिन गुजारना पड़ रहा है.
डीएफएम ने आरबीआइ पर लगाया आरोप : डिवीजनल फाइनेंस मैनेजर (डीएफएम) अमित राय ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. श्री राय का कहना है कि सभी कर्मचारियों का वेतन अप्रैल महीने की 29 तारीख यानी शुक्रवार को ही बैंकों में भुगतान करा दिया गया था. जिन कर्मचारियों का बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक में है, केवल उन्हीं कर्मचारियों के खाते में वेतन जमा हुआ है. लेकिन आरबीआइ की टेक्निकल गड़बड़ी की वजह से अभी तक अन्य कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सका है. आरबीआई ने यह गड़बड़ी आज ठीक कर ली है. श्री राय ने कहा कि आरबीआइ के अधिकारियों ने शुक्रवार शाम तक सभी कर्मचारियों के एकाउंट में वेतन जमा हो जाने की जानकारी दी है.
