मालदा: मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से असम के एक छात्र का अपहरण का प्रयास करनेवाले दो अपहर्ताओं को ग्रामीणों ने धर दबोचा और उनकी जमकर धुलाई की. इसके बाद बदमाशों को पुलिस को सौंप दिया गया. बुधवार रात साढ़े 11 बजे यह घटना इंगलिशबाजार थाने के सादुल्लापुर इलाके के बांधापुकुर रेलगेट के पास घटी. पुलिस ने अपहरण के आरोपियों रिंटू खान और आकिमुद्दीन शेख को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही अपहृत छात्र मोहम्मद आसिफ रब्बानी (20) को पुलिस ने बरामद कर लिया है. असम पुलिस से संपर्क करके मालदा पुलिस ने छात्र के परिवार को इस बारे में सूचना दे दी है.
पुलिस ने बताया कि दोनों अपहर्ताओं का घर मालदा जिले के कालियाचक थाने के जलालपुर गांव में है. वहीं अपहृत छात्र असम के नौगांव जिले के रुपहीहाट थाने के कुंडलीमारी इलाके का रहनेवाला है. वह रुपही कॉलेज के कला विभाग में प्रथम वर्ष का छात्र है. मोहम्मद आसिफ रब्बानी अपने घर का इकलौता बेटा है. उसके पिता अब्दुल अली की काफी पहले ही मौत हो चुकी है. परिवार में केवल वृद्धा विधवा मां सूफिया है. आर्थिक अभाव के चलते यह छात्र केरल के एक गैर सरकारी संस्थान में कामकाज के सिलसिले में बीच-बीच में आना-जाना करता रहता है. मंगलवार रात को वह गुवाहाटी में तिरुअनंतपुर एक्सप्रेस के एक अनारक्षित डिब्बे में सवार हुआ था. वह बुधवार रात नौ बजे मालदा पहुंचा. ट्रेन में अत्यधिक भीड़ की वजह से वह मालदा टाउन स्टेशन पर उतर गया. इसके बाद वह खाना खाने के लिए स्टेशन के बाहर निकला. लेकिन स्टेशन के बाहर पांच बदमाशों ने उसे एक अंबेसडर गाड़ी में जबरन बिठा लिया.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि छात्र के अपहरण के बाद इंगलिशबाजार थाने के सादुल्लापुर जाने के रास्ते में बांधापुकुर मोड़ के पास रेलगेट बंद होने के कारण अंबेसडर गाड़ी रुकी. गरमी की रात होने के कारण वहां रास्ते के किनारे कुछ लोग बैठे हुए थे. अचानक गाड़ी से अपहृत युवक की जोरदार गुहार सुनकर ये लोग भागकर गाड़ी के पास पहुंचे. लोगों ने देखा कि गाड़ी में सवार बदमाशों ने एक युवक का हाथ-पैर बांधकर रखा हुआ है. ग्रामीणों ने दो बदमाशों को वहीं पर दबोच लिया. बाकी भाग निकले. ग्रामीणों ने दोनों अपहर्ताओं की सामूहिक पिटाई की.
अपहर्ताओं के चंगुल से छूटे आसिफ ने बताया, मैं किसी अपहर्ता को नहीं पहचानता. उन्होंने क्यों मेरा अपहरण किया, यह समझ नहीं पा रहा हूं. मालदा टाउन स्टेशन पर उतरकर मैंने सोचा कि किसी दूसरी ट्रेन से कोलकाता जाऊंगा. वहां से कोई और ट्रेन पकड़कर केरल चला जाऊंगा. रात करीब 10 बजे जब मैं स्टेशन के बाहर खाना खाने के लिए निकला तभी उन लोगों ने मुझे जबरदस्ती उठा लिया. गाड़ी में चालक समेत पांच लोग थे. मेरी गुहार सुनकर लोगों ने जो तत्परता दिखायी उसकी वजह से मेरी जान बच गयी.
पुलिस अधीक्षक सैयद वकार रजा ने बताया कि यह पैसे के लेन-देन से जुड़ा मामला हो सकता है. इंगलिशबाजार थाने की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
