मालदा: एक घर में लूटपाट करने आये डकैतों की लोगों ने जमकर धुनाई कर दी. इसमें एक डकैत की मौत हो गयी. डकैतों के हमले में किसान दंपती भी बुरी तरह घायल हो गया. मंगलवार रात करीब दो बजे यह घटना वैष्णवनगर थाने की बेदराबाद ग्राम पंचायत के धूरिटोला गांव में घटी. घायल दंपती तारेश मंडल (52) और सुमिता मंडल (44) का इलाज बेदराबाद ग्रामीण अस्पताल में चल रहा है. दोनों के माथे, सीने और पीठ पर धारदार हथियारों से वार किया गया है. इस घटना के संबंध में दंपती के बड़े बेटे भंजन मंडल (22) ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है. घटना के बाद पुलिस ने मृत डकैत वाहिदुर रहमान (24) का शव पोस्टमार्टम के लिए मालदा मेडिकल कॉलेज भेज दिया है. मृत डकैत का घर कालियाचक थाने के हिम्मतनगर गांव में है.
घायल तारेश मंडल ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी के लिए घर में रखा 4 भरी सोना और कई हजार रुपये नकद लूटकर डकैत भाग निकले. पुलिस अधीक्षक सैयद वकार रजा ने लोगों की पिटाई से एक डकैत की मृत्यु की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच वैष्णवनगर पुलिस कर रही है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि धूरिटोला गांव निवासी किसान तारेश मंडल की कई बीघा जमीन है. उनका दोतल्ला पक्का घर है और उनके पास तीन ट्रैक्टर भी हैं. उनकी गिनती इलाके के धनी-मानी लोगों में होती है. उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे भंजन व अंजन मंडल और बेटी सोनाली है. सभी बच्चे स्कूल-कॉलेज में पढ़ते हैं. पुलिस ने बताया कि मंगलवार रात करीब दो बजे तारेश मंडल के घर में नौ-दस डकैतों के एक गिरोह ने हमला किया. घर की चहारदीवारी फांदकर तीन डकैत भीतर घुसे और दरवाजा तोड़ दिया. जिस कमरे में तारेश और उनकी पत्नी सो रहे थे, वहां घुसकर एक डकैत ने आलमारी तोड़ने की कोशिश की. तभी दंपती ने अंधेरे के बीच उस बदमाश को दबोच लिया और गुहार लगायी. इसके बाद डकैतों का दल हरकत में आ गया. उन्होंने हवा में कई चक्र गोलियां चलायीं. लेकिन तभी आसपास के लोग वहां पहुंचने लगे, जिसे देखकर डकैत भाग खड़े हुए.
इधर जिस डकैत को किसान दंपती ने धर दबोचा था, ग्रामीणों ने उसे अपने कब्जे में लेकर उसकी सामूहिक पिटाई शुरू कर दी. लाठी, बांस और लोहे की रॉड से बेदम पीटा गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. तारेश मंडल के बेटे भंजन मंडल ने बताया कि हम लोग ऊपर के कमरे में सो रहे थे. मां-बाबा के कमरे में चोर घुसने की गुहार सुनकर हम भागकर आये तो देखा कि बाहर कई बदमाश बंदूक लिये हुए हैं. इसके बाद जब हमने शोर मचाया तो बदमाश भाग गये. फिर जब मां-बाबा के कमरे में पहुंचे तो देखा कि उनके शरीर से खून निकल रहा है. उन्होंने लुंगी पहने एक युवक को दबोच रखा था. उस बदमाश के हाथ में एक चाकू था. इसके बाद हम सबने मिलकर गुहार लगानी शुरू की. इसके बाद गांव के लोग पहुंच गये और उन्होंने बदमाश को छीनकर अपने कब्जे में ले लिया. इन्हीं हालात के बीच हमने घायल मां-बाबा को रात में ही अस्पताल पहुंचाया. डकैतों का दल चार भरी सोना और कई हजार रुपये लूटकर भाग गया.
वैष्णवनगर थाने के आइसी असीम गोंफ ने बताया कि तारेश मंडल इलाके में भद्र व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं. उनकी बेटी की शादी की बात चल रही थी. डकैतों को इसकी भनक थी कि बेटी की शादी के लिए घर में गहने और नकद पैसे रखे हैं. बदमाश हथियारों से लैस थे लेकिन उन्होंने गोली और बम नहीं चलाये. एक बदमाश ग्रामीणों के हाथों मारा गया, बाकी फरार हो गये. फरार बदमाशों की खोज की जा रही है.
