उन सीटों पर सभी की निगाहें विशेष रूप से टिकी है,जहां से कोइ हेवीवेट उम्मीदवार मैदान में हैं. ऐसी ही सीटों में शुमार है माटिगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट. यहां से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार शंकर मालाकार चुनावी रेस में सबसे आगे दिख रहें हैं,लेकिन शिक्षा के मामले में वह अन्य उम्मीदवारों के मुकाबले काफी पिछड़े हैं. वह कहां तक पढ़े हैं यही साफ नहीं है. ऐसा शिक्षा के दृष्टिकोण से भाजपा उम्मीदवार आनंदमय वर्मन इस विधानसभा सीट के सभी उम्मीदवारों पर भारी हैं.
शंकर मालाकार भी शिक्षा के मामले में कमजोर
सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग जिला अंतर्गत 25 नंबर विधानसभा सीट माटिगाड़ा-नक्सलबाड़ी से कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं. किसे वोट दें और किसे नहीं, इस सोच विचार में मतदाता लगे हुए हैं. आज के मतदाता काफी सोच विचार कर मतदान करते हैं. उम्मीदवारों के सभी गुण और अवगुण को परखा जाता है़ जाहिर है चुनाव लड़ रहे […]

सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग जिला अंतर्गत 25 नंबर विधानसभा सीट माटिगाड़ा-नक्सलबाड़ी से कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं. किसे वोट दें और किसे नहीं, इस सोच विचार में मतदाता लगे हुए हैं. आज के मतदाता काफी सोच विचार कर मतदान करते हैं. उम्मीदवारों के सभी गुण और अवगुण को परखा जाता है़ जाहिर है चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के शिक्षा पर भी सबकी निगाहें टिकी होती है़ हालांकि हमारे देश में चुनाव लड़ने के लिये शैक्षणिक योग्यता की सीमा निर्धारित नहीं है. राज्य विधानसभा का चुनाव होना है़ सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार अपनी जीत के लिए दिन रात एक कर रहे हैं.
श्री मालाकार ने अपनी शिक्षा से संबंधित जो हलफनामा चुनाव आयोग दिया है उसके अनुसार 61 वर्षीय श्री मालाकार ने बताया है कि उन्होंने स्कूल स्तर की शिक्षा पूरी नहीं की है. हलफनामे में उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता के स्थान पर “नॉट कमप्लीट स्कूल लेवल” लिखा है. इसका मतलब उन्होंने स्कूली स्तर की शिक्षा पूरी नहीं की है़ वैसे तो माटिगाड़ा-नक्सलबाड़ी शंकर मालाकार का गढ़ बना हुआ है़ हांलाकि वह सिलीगुड़ी विधानसभा सीट के अंतर्गत बाबूपाड़ा इलाके के निवासी हैं. भाजपा उम्मीदवार आनंदमय वर्मन माटिगाड़ा-नक्सलबाड़ी केंद्र के अंतर्गत न्यू चामटा, मीरजंगला इलाके के निवासी हैं. इस सीट से सबसे युवा उम्मीदवार 33 वर्षीय आनंदमय वर्मन पेशे से शिक्षक है. इन्होंने बांग्ला विषय से मास्टर व एम.एड. की डिग्री हासिल की है.
तृणमूल उम्मीदवार 57 वर्षीय अमर सिन्हा नक्सलबाड़ी के किलाराम जोत में अपने परिवार के साथ रहते हैं. शिक्षा संबंधित हलफनामे में उन्होंने माध्यमिक पास होने का दावा किया है. उन्होंने बताया है कि वर्ष 1974 में नक्सलबाड़ी के नंद प्रसाद हाई स्कूल से माध्यमिक उत्तीर्ण हैं.हांलाकि तृणमूल के बागी नेता गौतम कीर्तनिया ने उनकी शैक्षणिक योग्यता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है. टिकट ना मिलने पर तृणमूल से बागी होकर गौतम कीर्तनिया भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. 46 वर्षीय श्री कीर्तनिया बागडोगरा इलाके के निवासी है. पेशे से व्यवसायी व राजनीतिज्ञ गौतम कीर्तनिया सिलीगुड़ी कॉमर्स कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री हासिल कर चुके हैं.
तृणमूल कांग्रेस का समर्थन करने की वजह से केपीपी में दो फाड़ हो गया है़ अतुल राय के तृणमूल के समर्थन के निर्णय से निखिल राय गुट नाराज है़ निखिल राय की कामतापुर पीपुल्स पार्टी(युनाइटेड) की ओर से 56 वर्षीय विदुर वर्मन भी चुनाव मैदान में हैं. नक्सलबाड़ी के फयानी जोत निवासी विदुर वर्मन बिल्कुल शिक्षित नहीं है. नामांकन पत्र में इन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता “नील” बताया है. इनके अतिरिक्त बहुजन समाजवादी पार्टी की ओर से सुदीप्त मंडल और एसयूसीआई से क्षीतिश चंद्र राय भी चुनाव मैदान में उतरे हैं. 37 वर्षीय सुदीप्त मंडल केवल माध्यमिक पास है जबकि क्षीतिश चंद्र राय ने नौंवी पास होने की जानकारी दी है. यह सभी जानकारी उम्मीदवारों द्वारा चुनाव आयोग में जमा हलफनामे से हासिल की गयी है़.