सिलीगुड़ी: बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी…, होलिया मअ उड़े रे गुलाल…, रंग बरसे भीगे चुनर वाली, रंग बरसे… जैसे फिल्मी गानों के धुनों पर मस्तमौलों की टोलियां खूब झूमी. मौका था होली त्योहार के रंगोत्सव का. होली की खुमारी शहरवासियों पर दो दिनों तक चढ़ी रही. शहर के विभिन्न सड़कों, गली-मुहल्लों व आवासनों में सामुहिक कार्यक्रम का आयोजन कर लोग झूमते-नाचते रहे और जमकर थिरकते रहे. छोटे हो या बड़े हर उम्र के लोगों ने खूब मस्ती की.
मस्तमौलों की टोलियों ने जमकर हुड़दंग भी मचाया. इस दौरान कई जगहों पर होली की खुमार में युवाओं की टोलियों को एक-दूसरे के कपड़े फाड़ते देखा गया और सड़क किनारे झूलते तारों पर लटका कर कपड़ों की प्रदर्शनी लगायी. आश्रमपाड़ा में नशे में चूर युवक-युवतियों ने क-दूसरे के कपड़े फाड़कर खूब हुड़दंग मचाया. बाद में स्थानीय महिलाओं ने हस्तक्षेप कर युवतियों को बेआबरू होने से बचाया. उन्हें अपने घरों में ले जाकर पहले पीड़ित युवतियों की नशा उतारी और बाद में सभी को सही-सलामत उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की.
रंग-रंगीलो राजस्थानमय हुआ शहर
होली के दौरान सिलीगुड़ी की कई सामाजिक संस्थाओं ने फाग उत्सव का आयोजन किया और शहर रंग-रंगीलों राजस्थानमय हो उठा. होलिका दहन की पूर्व संध्या पर उत्तर बंग मारवाड़ी सेवा ट्रस्ट की ओर से सेवक रोड स्थित मारवाड़ी भवन में आयोजित उत्सव में मशहूर गायिका (राजस्थान) सीमा मिश्रा ने राजस्थानी फाग गीतों पर लोगों को जहां झूमने पर मजबूर कर दिया वहीं, हरियाणा के सोनू सिंग्ला ने भी हंसी की ऐसी पिचकारी मारी की लोगों को देर तक गुदगुदाया.
कार्यक्रम का कुशल संचालन पत्रकार व कवि दिनेश ललवानी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में किया. कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के अध्यक्ष नेमचंद जैन, सचिव जीतेंद्र मित्तल, कोषाध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंहल, कार्यक्रम संयोजक दीपक गर्ग, कार्यक्रम प्रायोजक सांवरमल आलमपुरिया, रामावतार बरेलिया, डॉ आरके अग्रवाल, डॉ कृष्णा अग्रवाल, ओमप्रकाश जैन, पवन अग्रवाल, देवी प्रसाद किथानिया, जगदीश रतेड़िया, विनोद बंसल व अन्य सभी सदस्यों के अलावा सिलीगुड़ी नगर निगम में ट्रेड लाइसेंस विभाग के एमआइसी कमल अग्रवाल, रामानंद प्रसाद, विपिन बिहारी गुप्ता एवं कई विशिष्ठ समाजसेवी बतौर अतिथि मौजूद थे.
