माकपा के इस आरोप के बाद चुनाव आयोग ने सभी सीसीटीवी कैमरे को हटाने का निर्देश दिया है. हांलाकि खबर लिखे जाने तक एक भी कैमरे नहीं खोले गये थे. माकपा के जिला सचिव अंबर मित्र ने बताया कि शहर में सीसीटीवी लगाकर तृणमूल कांग्रेस विरोधी पार्टियों की गतिविधि पर नजर रख रही है. सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखने का कार्य प्रशासन का है, ना कि नगरपालिका का. माकपा इसका विरोध करती है.माकपा के इस आरोप को तृणमूल उम्मीदवार कृष्णेंदु चौधरी ने पूरी तरह से आधारहीन बताया है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया था. देश के बड़े शहरों में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. माकपा पर उल्टा आरोप लगाते हुये श्री चौधरी ने कहा कि माकपा राज्य का विकास चाहती ही नहीं है.
इससे पहले भी वर्ष 2007 में नगरपालिका इलाके में सीसीटीवी लगाने को लेकर माकपा ने विरोध जताया था. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का निर्देश तो मानना ही होगा. चुनाव आयोग के कारण बताओ नोटिस का जवाब नगरपालिका की ओर से दिया जायेगा.उल्लेखनीय है कि दुर्गा पूजा के समय भीड़भाड़ इलाकों में नगरपालिका की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे. जिसका कंट्रोल रूम नगरपालिका में ही है़ यहीं से पूजा के दौरान पूरे शहर पर निगरानी रखी जा रही थी. वर्तमान में भी उन कैमरों से नगरपालिका इलाके में निगरानी रखी जा रही है.
माकपा का आरोप है कि शहर में करीब तीस कैमरे लगाये गये हैं, एवं इसका ब्यौरा भी नगरपालिका ने नहीं दिया है. माकपा ने जिला सचिव अंबर मित्र ने कृष्णेंदु चौधरी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कृष्णेंदु चौधरी ने अपने चेंबर में ही कंट्रोल रूम बना लिया है़ वह यहीं से अपने विरोधियों की मोनिटरिंग कर रहे हैं. मालदा के जिला शासक शरद द्विवेदी ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से मालदा शहर में लगाये गये सीसीटीवी कैमरे को अविलंब खोलने का निर्देश इंगलिश बाजार नगरपालिका को दिया जा चुका है.
