बागडोगरा हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में आयी कमी

सिलीगुड़ी: पिछले वर्ष सिलीगुड़ी के निकट बागडोगरा हवाई अड्डे से 10 लाख से भी अधिक यात्रियों की आवाजाही के बाद इस वर्ष इस हवाई अड्डे को यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है. वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान इस हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले यात्रियों में अब तक एक प्रतिशत की कमी […]

सिलीगुड़ी: पिछले वर्ष सिलीगुड़ी के निकट बागडोगरा हवाई अड्डे से 10 लाख से भी अधिक यात्रियों की आवाजाही के बाद इस वर्ष इस हवाई अड्डे को यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है. वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान इस हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले यात्रियों में अब तक एक प्रतिशत की कमी आयी है. मार्च के अंत तक इस आंकड़े में और भी कमी आने की संभावना है.

बागडोगरा एयरपोर्ट के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष के अप्रैल से लेकर दिसंबर तक बागडोगरा हवाई अड्डे से आठ लाख सात हजार 242 यात्रियों की आवाजाही हुई. यह आंकड़ा तब है जब इस अवधि के दौरान अधिक विमानों ने यहां से उड़ान भरी. यदि यही ट्रेन्ड जारी रहा, तो मार्च के अंत तक यात्रियों की संख्या में पांच से सात प्रतिशत की कमी आने की संभावना दिख रही है. जनवरी तथा फरवरी में भी यात्रियों की संख्या में गिरावट आयी है.


पिछले वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान बागडोगरा हवाई अड्डे ने रिकार्ड कायम किया था. इस हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में 43 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि हुई थी. तब 10 लाख 35 हजार 887 यात्रियों ने इस हवाई अड्डे से आवाजाही की थी. वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा सात लाख 21 हजार 365 यात्रियों का था. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012-13 केबाद से अगले दो वर्षों तक यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हुई. वर्ष 2012-13 के दौरान इस हवाई अड्डे से 6 लाख 66 हजार 779 यात्रियों ने उड़ान भरी थी. उसके अगले वर्ष ही यात्रियों की संख्या में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह आंकड़ा बढ़कर सात लाख 21 हजार 365 हो गया. वर्ष 2012-13 के बाद से बागडोगरा हवाई अड्डे से उड़ानों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है. कई एयरलाइन कंपनियों ने यहां अपनी सेवाएं शुरू की है. वर्तमान में कुल 13 विमान इस हवाई अड्डे से रोज उड़ान भर रहे हैं. वर्तमान वित्तीय वर्ष में दिसंबर तक सात हजार 974 विमानों ने इस हवाई अड्डे से आना-जाना किया. यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक है. पिछले वर्ष पूरे वित्तीय वर्ष में 10 हजार 125 विमानों की यहां से आवाजाही हुई थी, जबकि इस वर्ष दिसंबर में ही यह आंकड़ा करीब आठ हजार के आसपास पहुंच गया है.

पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान विमानों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई. वर्ष 2012-13 में सात हजार 378 उड़ान के मुकाबले वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा आठ हजार 332 हो गया. जाहिर है कि विमानों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. विमानों की संख्या बढ़ने के बाद भी इस वर्ष यात्रियों की संख्या में आयी कमी ने न केवल विमानन अधिकारियों, बल्कि सिलीगुड़ी तथा उत्तर बंगाल के टूर ऑपरेटरों की चिंता भी बढ़ा दी है.

ऐसे में स्वाभाविक तौर पर इस हवाई अड्डे से नाइट लैंडिंग सुविधा की मांग ने जोर पकड़ लिया है. बागडोगरा हवाई अड्डे पर विमानों के रात में उतरने या फिर उड़ान भरने की सुविधा नहीं है. आम बातचीत में इसे नाइट लैंडिंग कहते हैं. शाम छह बजे के बाद बागडोगरा हवाई अड्डे पर खामोशी छा जाती है. हालांकि इस हवाई अड्डे से कई बार नाइट लैंडिंग सेवा शुरू करने की कोशिश की गई. लेकिन इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) नहीं होने की वजह से इसकी शुरूआत नहीं हो सकी. इस सिस्टम के तहत हवाई अड्डे पर रेडियो सिगनल के साथ-साथ हाई लाइटिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है, जिससे कि आम तौर पर रात में पायलट अपने विमान को उतार अथवा उड़ा सके.

क्या कहते हैं एयरपोर्ट निदेशक
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारी तथा बागडोगरा एयरपोर्ट के निदेशक राकेश आर सहाय ने कहा है कि आम तौर पर दोपहर बारह बजे से पांच बजे के बीच यात्रियों के आने की प्रवृत्ति की वजह से यात्रियों की संख्या में कमी आयी है. इसके अलावा नाइट लैंडिंग सुविधा नहीं होने की वजह से भी थोड़ी परेशानी बढ़ी है. एक बार नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू होने पर रात में भी विमान यात्री इस हवाई अड्डे से अपनी यात्रा कर पायेंगे. उन्होंने कहा कि आईएलएस की सुविधा लग जाने के बाद यहां से विमानों की नाइट लैंडिंग शुरू हो जायेगी और तब यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है.

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