बदहाल महकमा परिषद ने अपने इलाके में भवनों पर लगाया नया कर

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी महकमा परिषद के नवगठित वाम मोरचा बोर्ड ने अपना पहला बजट पेश किया. वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिये सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने 174 करोड़ 74 लाख 70 हजार रूपये का बजट पेश किया है. पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है. सिलीगुड़ी महकमा […]

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी महकमा परिषद के नवगठित वाम मोरचा बोर्ड ने अपना पहला बजट पेश किया. वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिये सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने 174 करोड़ 74 लाख 70 हजार रूपये का बजट पेश किया है. पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है.
सिलीगुड़ी महकमा परिषद के विरोधी दल नेता काजल घोष ने इस बजट को दिशाहीन बजट करार दिया है. उन्होंने कहा कि महकमा परिषद इलाके का विकास नहीं होने पर तृणमूल रास्ते पर उतरकर जोरदार आंदोलन करेगी.इससे पहले, सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया. बजट में महकमा परिषद की आय बढ़ाने पर बल दिया गया है़ महकमा परिषद की आर्थिक स्थिति काफी खराब है़ अब देखना है कि बजट के बाद इसमें सुधार होता है या नहीं. सिलीगुड़ी महकमा परिषद के इतिहास में पहली बार किसी बोर्ड ने बजट में बिल्डिंग प्लान को शामिल किया है.

इसके द्वारा नये तरीके से कर लबाने की तैयारी की गयी है़ महकमा परिषद इलाके में बने भवन, निजी विद्यालय, निजी अस्पताल आदि से कर की वसूली की जायेगी. इसके अतिरिक्त केबल बिछाने वाली निजी कंपनियों से भी कर वसूल किया जायेगा. पंचायत कानून में निजी इमारतों से कर लेने का प्रावधान है़ सिलीगुड़ी महकमा परिषद के पिछले किसी बोर्ड ने यह कर नहीं लिया. महकमा परिषद इलाके में मार्केट कॉमप्लेक्स, पिकनिक व टूरिस्ट स्पॉट बनाकर महकमा परिषद की आय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है. महकमा परिषद के अधीन अस्पतालों में रक्त की कमी को दूर करने के लिये रक्त दाताओं को प्रोत्साहित करने हेतु एक अनोखा प्रस्ताव रखा गया है. महकमा परिषद इलाके में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों में रक्तदान करने वालों को उपहार स्वरूप एक सौ रूपये दिये जाने की घोषणा की गयी है. महकमा परिषद इलाके में पेयजल की समस्या का समाधान करने के लिये दो करोड़ बीस लाख की परियोजना का प्रस्ताव दिया गया है.

इसबीच, महकमा परिषद की ओर से 174 करोड़ 74 लाख 70 हजार रूपये के बजट की घोषणा तो कर दी गयी है,लेकिन आय के स्त्रोत को नहीं दिखाया है. राजनीतिक विशलेषकों की माने तो विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर मतदाताओं को लुभाने के उद्देश्य से यह बजट पेश किया गया है.
क्या कहना है विरोधी दल का
सिलीगुड़ी महकमा परिषद के विरोधी दल नेता काजल घोष ने बताया कि यह बजट पूरी तरह से दिशाहीन है. महकमा परिषद की आय का ठिकाना नहीं है और सभाधिपति ने नागरिकों को लुभाने के लिये बजट के नाम पर डींगे हाकी है. श्री घोष ने तापस सरकार से प्रश्न करते हुये कहा कि महकमा परिषद की आय बृद्धि के लिये मार्केट, पिकनिक व टूरिस्ट स्पॉट बनाने का जो प्रस्ताव दिया गया है उसके लिये रूपये कहां से आयेंगे. उन्होंने कहा कि आज बजट पेश हुआ है कुछ दिन इंतजार किया जायेगा. उसके बाद दिये गये प्रस्ताव एवं महकमा परिषद इलाके का विकास ना होने पर तृणमूल की ओर से आंदोलन किया जायेगा. श्री सरकार ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी के नेतृत्व में फिर से सरकार बनायेगी़ वह सभी उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव की सहायता से ही विकास की राह पर आगे बढ़ेंगे.
क्या कहते हैं सभाधिपति
सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने अपने पहले बजट के संबध में कहा कि यह एक योग्य बजट है. ग्रामीण इलाकों में विकास की योजनाओं के लिए पैसे की आवश्यकता है. सिलीगुड़ी महकमा परिषद वर्तमान में आर्थिक संकट से जुझ रहा है. इसी वजह से इस बजट में आय बृद्धि पर विशेष जोर दिया गया है. श्री सरकार ने बताया कि प्रति वित्तीय वर्ष सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण की ओर से पांच करोड़ रूपया सिलीगुड़ी महकमा परिषद को मिलता है. इसके अतिरिक्त आगामी दो मार्च को उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव से मुलाकात कर विकास की परियोजनाओं के लिये बीस करोड़ रूपये की मांग की जायेगी. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मात्र 113 करोड़ रूपये का बजट पेश कर 96 लाख रूपये के आय का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जबकि इस वर्ष 174 करोड़ 74 लाख 70 हजार रूपये का बजट पेश हुआ है़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >