सिलीगुड़ी. विधानसभा चुनाव से पहले गोरखा टास्क फोर्स एवं ट्राइबल टास्क फोर्स को मंजूरी देकर राज्य की तृणमूल सरकार ने पहाड़ की राजनीति में एक और दावं खेला है. डुआर्स सिलीगुड़ी तराई भारतीय नेपाली विकास फोरम ने राज्य सरकार से नेपाली विकास बोर्ड के गठन की मांग की थी. इसका संज्ञान लेते हुए मंगलवार को […]
सिलीगुड़ी. विधानसभा चुनाव से पहले गोरखा टास्क फोर्स एवं ट्राइबल टास्क फोर्स को मंजूरी देकर राज्य की तृणमूल सरकार ने पहाड़ की राजनीति में एक और दावं खेला है. डुआर्स सिलीगुड़ी तराई भारतीय नेपाली विकास फोरम ने राज्य सरकार से नेपाली विकास बोर्ड के गठन की मांग की थी. इसका संज्ञान लेते हुए मंगलवार को राज्य के खेल मंत्री अरूप विश्वास ने सिलीगुड़ी में दो टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की.
उन्होंने बताया कि गोरखा व आदिवासियों के लिए दो टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है, जो विकास बोर्ड की तरह ही काम करेंगे. इसे राज्य सरकार की गोजमुमो को पहाड़ में मात देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है.
डॉ हर्क बहादुर छेत्री के गोजमुमो से अलग होते ही पहाड़ पर एक अलग राजनीतिक समीकरण दिखने लगा था, जो अब फलीभूत होता दिख रहा है. उल्लेखनीय है कि कालिम्पोंग के विधायक डॉ छेत्री के गोजमुमो से अलग होते ही गोजमुमो के कई सदस्यों ने भी मोरचा छोड़ दिया था. गोजमुमो के केंद्रीय कमिटी सदस्य प्रवीण सिंह एवं तराई-डुआर्स तथा सिलीगुड़ी के सदस्यों ने मिलकर गत 19 जनवरी को डुआर्स सिलीगुड़ी तराई भारतीय नेपाली विकास फोरम नामक संगठन बनाया व राज्य सरकार से 16 मांगें कीं. इसमें नेपाली भाषा को राज्य की परीक्षा में मान्यता, नेपाली विकास बोर्ड का गठन और नेपाली विद्यालयों का सर्वमुखी विकास शामिल है.
अपनी 16 सूत्री मांगों के साथ नेपाली फोरम ने 5 फरवरी को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मुलाकात की. इसके चंद दिनों बाद ही राज्य की परीक्षा में नेपाली भाषा को मान्यता एवं नेपाली विकास बोर्ड गठन की मांग को मंजूरी दे दी गयी.
नेपाली विकास फोरम की पहली सभा में मंगलवार को राज्य के खेल मंत्री अरूप विश्वास ने उत्तर बंगाल राष्ट्रीय परिवहन निगम के चेयरमैन सौरभ चक्रवर्ती एवं जन आंदोलन पार्टी प्रमुख डॉ हर्क बहादुर छेत्री की उपस्थिति में तराई व डुआर्स के गोरखा एवं आदिवासियों के लिए दो टास्क फोर्स की घोषणा की.
पत्रकारों के पूछने पर कि राज्य सरकार ने चुनाव से पहले गोरखा एवं ट्राइबल का मन मोहने के लिए सरकार ने टास्क फोर्स का गठन किया जबकि मांग तो विकास बोर्ड की थी, इस पर विश्वास ने बताया कि मांग विकास बोर्ड की ही थी, लेकिन टास्क फोर्स भी विकास बोर्ड की तरह ही काम करेगा. उन्होंने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वोट बैंक की नहीं, बल्कि विकास की राजनीति करती हैं. इसी विकास की राजनीति से राज्य के नागरिक ममता बनर्जी एवं तृणमूल की ओर आकर्षित हो रहे हैं.