गोजमुमो को लगा तगड़ा झटका, 11 परिवारों ने थामा तृणमूल का दामन
दार्जिलिंग. गोजमुमो समर्थक 11 परिवारों ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है़ आज स्थानीय जज बजार स्थित हिल तृणमूल पार्टी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के बीच आलुबारी बस्ती क्षेत्र के 11 मोरचा समर्थक परिवार तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए़ माया तामांग और कमला तामांग के नेतृत्व में आये इनसभी लोगों ने इस […]
दार्जिलिंग. गोजमुमो समर्थक 11 परिवारों ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है़ आज स्थानीय जज बजार स्थित हिल तृणमूल पार्टी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के बीच आलुबारी बस्ती क्षेत्र के 11 मोरचा समर्थक परिवार तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए़ माया तामांग और कमला तामांग के नेतृत्व में आये इनसभी लोगों ने इस मौके पर गोजमुमो की आलोचना की़ इनलोगों का कहना था कि मोरचा नेताओं के एकतरफा निर्णय लेने की प्रक्रिया के कारण सभी लोगों ने पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया है़ इन सभी लोगों का दार्जिलिंग जिला हिल तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष राजेन मुखिया और हिल महिला तृणमूल अध्यक्ष शारदा राइ सुब्बा ने पार्टी में स्वागत किया और पार्टी का झंडा पकड़ाया़ इस मौक पर शारदा राइ ने कहा कि मोरचा नेता गोरखलैंड के नाम पर आमलोगों को गुमराह कर रहे हैं.
अलग राज्य के नाम पर केवल राजनीति की जा रही है़ वास्तविकता यह है कि गोजमुमो ने कभी भी केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार से अलग गोरखालैंड राज्य के निर्माण की मांग नहीं की है़ अगर गोजमुमो नेता अलग राज्य की मांग को लेकर इतने ही गंभीर हैं तो फिर उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिये ज्ञापन में कमेटी बनाने की मांग क्यों की़ उन्हें तो सीधे सीधे अलग राज्य मांगना चाहिए था़ उन्होंने यह भी कहा गोरखालैंड के नाम पर काफी राजनीति हो गयी़ अब आगे ऐसी स्थिति नहीं चलने दी जायेगी़ पहाड़ के लोग शांति और विकास चाहते हैं.
पहाड़ का विकास केवल ममता बनर्जी ही कर सकती है़ यही वजह है कि गोजमुमो से लोगों का मोहभंग हो गया है और लोग ममता दीदी के पक्ष में आ रहे हैं. हिल तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष राजेन मुखिया ने भी गोजमुमो पर हमला बोला और कहा कि पहाड़ का विकास केवल ममता बनर्जी ही कर सकती है़ विधानसभा चुनाव के बारे पूछे जाने पर श्री मुखिया कहा कि अभी तक पहाड़ के तीनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का पार्टी ने निर्णय लिया है़ आने वाले दिनों में क्या होगा,कुछ कहना संभव नहीं है़ अंतिम निर्णय पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ही लेंगी़