जलपाईगुड़ी जिला परिषद की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल

जलपाईगुड़ी: सिलीगुड़ी महकमा परिषद के बाद अब वाम मोरचा परिचालित जलपाईगुड़ी जिला परिषद की भी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गयी है़ केंद्र और राज्य सरकार से आर्थिक सहायत नहीं मिलने की वजह से जिला परिषद को काम करने में परेशानी हो रही है़ जिला परिषद को अपने आर्थिक स्त्रोत से ही काम करना पड़ […]

जलपाईगुड़ी: सिलीगुड़ी महकमा परिषद के बाद अब वाम मोरचा परिचालित जलपाईगुड़ी जिला परिषद की भी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गयी है़ केंद्र और राज्य सरकार से आर्थिक सहायत नहीं मिलने की वजह से जिला परिषद को काम करने में परेशानी हो रही है़ जिला परिषद को अपने आर्थिक स्त्रोत से ही काम करना पड़ रहा है़ चुनाव से पहले कइ परियोजना को पूरा करने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था,उसको पूरा कर पाना संभव नहीं है़ जिला परिषद के वर्ष 2016-17 के लिए तैयार रिपोर्ट में कुछ ऐसी ही बातें कही गयी है़ रिपोर्ट में केंद्र और राज्य सरकार के रवैये को लेकर रोष प्रकट किया गया है़.

रिपोर्ट में दी गयी जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार से सीमांत विकास मद में 2014-15 वित्तीय वर्ष में 1 करोड़ पचास हजार रूपया मिला था, जो वर्ष 2015-16 में घट कर मात्र दो लाख रूपये हो गया है़ इस वित्तीय वर्ष में मात्र पांच लाख रूपये देने की बात कही गयी है़ विधायक विकास कोष से पिछले वर्ष एक रूपया भी नहीं मिला़ इस वर्ष पंद्रह लाख रूपये देने की बात है़ यह भी मिलेगा कि नहीं, कोइ ठीक नहीं है़ इसी तरह से प्राणी संपदा विकास विभाग से भी धन मिलना बंद हो गया है़ वर्ष 2014-15 के दौरान इस मद में मात्र नौ हजार रूपये मिले हैं. पिछले वर्ष इस मद में चालीस हजार रुपया मिला था़ स्वास्थ्य तथा प्राथमिक शिक्षा के बजट में भी कटौती कर दी गयी है़ इस मद में मात्र 25 हजार रूपये मिले हैं. इसी तरह से अन्य योजनाओं के मद में भी कटौती कर दी गयी है़.

ऐसी स्थित सिर्फ केंद्र सरकार से ही मिलने वाली सहायता की ही नहीं है़ राज्य सरकार की हालत तो और खराब है़ राज्य सरकार ने तो एक तरह से सहायता देनी ही बंद कर दी है़ विभिन्न मदो में भारी कटौती कर दी गयी है़ इस रिपोर्ट में योजनागत मदों में कटौती की पूरी जानकारी दी गयी है़ जिला परिषद की अध्यक्ष नूरजहां बेगम ने बताया है कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सहायता नहीं मिलने की वजह से काम कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है़ सड़क,पुल,कल्वर्ट आदि बनाना मुश्किल हो गया है़ अपने संसाधनो से जिला परिषद को अधिक आय नहीं होती है़ स्वच्छ भारत अभियान के तहत विभिन्न जिला परिषदों को बीस करोड़ रूपये की सहायता दी गयी़ इस मद में जलपाईगुड़ी जिला परिषद को मात्र पांच करोड़ रूपये दिये गए़ यहां उल्लेखनीय है कि पिछले दिनो सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने भी ऐसा ही आरोप लगाया था़ सिलीगुड़ी महकमा परिषद पर भी वाम मोरचा का कब्जा है़

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