सिलीगुड़ी. कॉमेडी सर्कस के मशहूर हास्य अभिनेता कपिल शर्मा अभिनीत फिल्म ‘किस-किस से प्यार करूं’ कहानी को हकीकत में तब्दील कर दिया है सिलीगुड़ी के एक सिरफिरा मजनू ने. फिल्मी तर्ज पर लड़कियों को बहला-फूसलाकर कई शादी रचाने वाला यह सिरफिरा मजनू अब पुलिस के हत्थे चढ़ गया है.
नौवीं बार एक नाबालिग लड़की से शादी रचाने की कोशिश में वह सलाखों के पीछे पहुंच गया. सिलीगुड़ी थाना की पुलिस ने डाबग्राम की एक नाबालिग लड़की का अपहरण करने के एक मामले की तफ्तीश करने के दौरान आरोपी कनक घोष को आठ फरवरी को स्थानीय घूघूमाली के एक किराये के मकान से उसे गिरफ्तार किया. पुलिस हिरासत में गहन पूछताछ के दौरान उसने कई चौंकाने वाले तथ्यों को उजागर किया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह अपना नाम और पेशा बदलने में काफी माहिर है.
वह दूसरे के नामों के आधार कार्ड, पहचान-पत्र, पैन कार्ड पर अपना फोटो लगवाकर फरजी दस्तावेज बड़ी आसानी से बनवा लेता था. वह इससे पहले आठ बार अपना नाम और पेशा बदलकर लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसा कर, शादी रचाकर एवं एक-दो वर्ष मौज-मस्ती कर उन्हें तलाक दे कर छोड़ चुका है. पुलिस का कहना है कि वह सात वर्षों (2009-16) में आठ लड़कियों को धोखा दे चुका है और नौवीं लड़की को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था . वह ताजा मामले में स्थानीय डाबग्राम की एक नाबालिग लड़की को भारत सरकार के नोटरी अधिकारी का झांसा देकर अपने प्रेम जाल में फंसाया और मुंबई भगा कर ले गया था. वह इससे भी अवैध शादी रचाता और धोखा देता पुलिस ने कनक को धर दबोचा और नाबालिग को भी सुरक्षित बरामद कर लिया. पुलिस का कहना है कि वह मूल रूप से कूचबिहार के ऋ षिगंज इलाके का रहनेवाला है. वह पहली बार 2009 में मालबाजार इलाके की एक युवती को सरकारी स्कूल का शिक्षक होने का धोंस दिखाकर अपने प्रेम जाल में फंसाया और दो साल उसके साथ मौज-मस्ती कर 2011 में उसे तलाक दे दिया.
इस बीच उसने 2010 में अपने इलाके की एक ग्रामीण लड़की से भी विवाह कर लिया, जिसकी जानकारी उसने पहली पत्नी को नहीं दी. इसके बाद उसने एक के बाद एक आठ लड़कियों के साथ इसी तरह फरेब किया. इससे पहले वह सिलीगुड़ी के रवींद्रनगर की एक लड़की को सिलीगुड़ी कोर्ट का पेशेवर वकील बताकर फंसाया और बाद में लड़की के आरोप पर वह जेल की हवा भी खाया. लेकिन कमजोर सबूतों के बल पर वह तीन महीने बाद ही उसे जमानत मिल गयी.
