जलपाईगुड़ी : विधानसभा चुनाव की घोषणा अभी नहीं की गई है उसके बाद भी विभिन्न राजनीतिक दलों में चुनावी तत्परता काफी तेज है. एक ओर जहां सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गई है, वहीं दूसरी ओर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों ने भी अभी से ही टिकट का जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है.
खासकर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में टिकट लेने के लिए उम्मीदवारों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. इसी पार्टी के टिकट का डिमांड सबसे अधिक है और टिकट पाने के लिए अभी से ही मारामारी मची हुई है. ऐसा ही मामला जलपाईगुड़ी के कुमारग्राम विधानसभा सीट को लेकर सामने आाया है.
इस सीट पर अभी वाम मोरचा का कब्जा है. उसके बाद भी तृणमूल के कई उम्मीदवार टिकट के दावेदार बने हुए हैं. वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में यहां से जोवाकिम बाकला चुनाव लड़े थे, लेकिन उनकी हार हो गई थी. वर्ष 2014 में हुए उप-चुनाव में वह फिर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार बने और हार गये. इस बार भी वह टिकट के प्रबल दावेदार हैं.
पहले वह कॉमरेड नेता थे, लेकिन बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये थे. वह सांसद भी रह चुके हैं. तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने का इनाम उन्हें ममता बनर्जी ने दिया था और कुमारग्राम से चुनाव मैदान में उतार दिया. दो चुनावों में लगातार हार के बाद भले ही उनका दावा कमजोर पड़ा हो, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतिम समय में वह कुछ कमाल दिखा सकते हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उनकी नजदीकी है. इसके अलावा उनके नाम से अब तक कोई विवाद भी नहीं जुड़ा हुआ है.
श्री बाकला के अलावा स्वपन कुजूर, समीर नजीरनारी, विप्लव नजीरनारी एवं प्रकाश बराइक आदि तृणमूल नेता भी टिकट पाने की जुगत लगा रहे हैं. यह लोग जिला अध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती से लेकर कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेताओं से संपर्क कर रहे हैं. तृणमूल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विप्लव नजीरनारी कुमारग्राम पंचायत में सह-सभापति हैं. सूत्रों ने बताया कि वह सौरभ चक्रवर्ती तथा हाल ही में तृणमूल में एक बार फिर से शक्तिशाली हुए मुकुल राय टिकट लेने की गुहार लगा चुके हैं.
सके अलावा अलीपुरद्वार जिला प्राथमिक विद्यालय संसद के चेयरमैन समीर नजीरनारी भी टिकट के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं. तृणमूल सूत्रों ने बताया कि वह राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के करीबी हैं. उन्होंने पार्थ चटर्जी को अपनी इच्छाओं से अवगत करा दिया है. इस मामले को लेकर हालांकि तृणमूल का कोई भी नेता कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है. जिला अध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती का कहना है कि जो भी फैसला होगा, वह पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी करेंगी.
