सिलीगुड़ी: कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अशोक गांगुली ने मंगलवार को सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर तथा माकपा नेता अशोक भट्टाचार्य से मुलाकात की. जस्टिस गांगुली सेव डेमोक्रेसी नामक एक स्वयंसेवी संगठन के अध्यक्ष हैं और वह अपने तीन सहयोगियों के साथ आज ही सिलीगुड़ी पहुंचे. उन्होंने अपने तीनों सहयोगियों के साथ मेयर अशोक भट्टाचार्य से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की. कभी राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन रहे जस्टिस गांगुली के अशोक भट्टाचार्य के साथ हुई मुलाकात को लेकर सिलीगुड़ी में सियासी हलचल है.
माना जा रहा है कि दोनों के बीच आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत हुई है. यहां उल्लेखनीय है कि जस्टिस गांगुली राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद से ही राज्य की तृणमूल सरकार तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ मोरचा खोले हुए हैं. इससे पहले वह कोलकाता में भी माकपा कार्यालय में जाकर कई नेताओं से मिल चुके हैं.
सिलीगुड़ी में अशोक भट्टाचार्य तथा अशोक गांगुली के बीच हुई मुलाकात में ममता बनर्जी को घेरने के लिए रणनीति बनाने पर चरचा हुई. बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच सिलीगुड़ी में एक पर एक हुए दो चुनाव में वाम मोरचा की जीत को लेकर जस्टिस गांगुली काफी उत्साहित थे. इसी वजह से उन्होंने उनसे मुलाकात की इच्छा जतायी थी. उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उन्होंने मिलने के लिए अपने घर पर बुला लिया. अशोक भट्टाचार्य ने हालांकि यह भी कहा कि आज के मुलाकात के कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं.
दूसरी तरफ जस्टिस गांगुली के बयानों से यह साफ हो गया है कि दोनों के बीच हुई बैठक में राजनीति को लेकर ही चरचा की गई. जस्टिस गांगुली ने संवाददाओं से बातचीत करते हुए कहा कि ममता बनर्जी के राज में गणतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है. आने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार सुनिश्चित करने के लिए सभी गणतांत्रिक दलों एवं आम लोगों को एकजुट होना चाहिए. उन्होंने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ महागठबंधन बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य के लोग तृणमूल कांग्रेस की सरकार से काफी परेशान हैं. हर ओर आतंक का माहौल कायम है. इस सरकार से मुक्ति के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा. जस्टिस गांगुली सिलीगुड़ी से मालबाजार के लिए रवाना हो गये. वहां वह रोहित पासी से मुलाकात करेंगे. रोहित पासी को हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के एक पार्षद के खिलाफ फेसबुक में पोस्ट करने के लिए पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
सियासी हलचल
यहां उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर ना केवल सिलीगुड़ी, बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ एक मजबूत महागबंधन बनाने की तैयारी की जा रही है. वाम मोरचा के घटक दल के नेता कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ना चाहते हैं. भाजपा को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस विरोधी तमाम दलों को लेकर गठबंधन बनाने की कवायद जारी है. इसको लेकर माकपा के राज्य कमेटी की बैठक 12 एवं 13 फरवरी को कोलकाता में हो रही है. उसके बाद 17 एवं 18 फरवरी को भी दिल्ली में माकपा के केन्द्रीय कमेटी बैठक में इस पर चरचा की जायेगी. इससे पहले 16 फरवरी को माकपा के पोलित ब्यूरो की बैठक है. इस बैठक में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर विचार-विमर्श किया जायेगा. दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता भी गठबंधन के पक्ष में हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर राज्य के कई नेताओं के साथ बातचीत की है. अधिकांश नेता गठबंधन के पक्ष में हैं.
क्या कहते हैं मंत्री गौतम देव
जस्टिस गांगुली तथा मेयर अशोक भट्टाचार्य के बीच हुई मुलाकात को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेता तथा उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव का कहना है कि जस्टिस गांगुली हाईकोर्ट के न्यायाधीश रह चुके हैं. वह किसी से भी मुलाकात कर सकते हैं. इसमें आश्चर्यजनक जैसा कुछ भी नहीं है.
