जलपाईगुड़ी: बागराकोट चाय बागान के श्रमिक अपुष्टी एवं अनाहार की वजह से मारे जा रहे हैं,लकिन राज्य सरकार इस सच्चाई को मानने से इनकार कर रही है.
डंकन ग्रुप के डुवार्स स्थित बागराकोट चाय बागान का दौर करने आये कलकत्ता हाइकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व चेयरमैन अशोक गांगुली ने कुछ इसी तरह से राज्य सरकार पर हमला बोला. जस्टिस गांगुली डंकन्स ग्रुप के बागराकोट एवं नागेश्वरी चाय बागान में श्रमिकों की मौजूदा स्थिति को देखने पहुंचे.
बागान का मुआयना करने के बाद जस्टिस गांगुली ने बताया कि बागान मेडिकल टीम के पास जो रजिस्टर है, उसमें महिलाओं में हिमोग्लोबीन की मात्रा सात प्रतिशत तो किसी की दो प्रतिशत दर्ज है. इस आंकड़े से यह प्रमाणित होता है कि श्रमिकों के पास पर्याप्त खाना नहीं है. बागान के नागरिक भूख और आभाव में जीवन गुजार रहें हैं.
बागान मालिक बागान छोड़कर चले जायेंगे एवं सरकार कुछ नहीं करेगी, ऐसा नहीं हो सकता. कानून देश में है़ राज्य सरकार कानून का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्यवाइ नहीं कर रही है. उदाहरण के तौर पर बागान मालिक बिना किसी नोटिस के बागान छोड़कर चले गए हैं. नियमानुसार मालिक पक्ष बिना किसी सूचना के बागान छोड़कर नहीं जा सकते हैं. बिना नोटिस बागान छोड़कर जाना अपराध है. पिछले महीने राज्य सरकार की ओर से श्रमिको को अनाज दिये गए थे़ इस महीने वह सेवा भी बंद है. पंचायत पर भी श्रमिकों के हित में कोई कार्य ना करने का आरोप जस्टिस गांगुली ने लगाया. उन्होंने कहा कि चाय बागानों में मौत का जुलूश निकल रहा है़ सबकुछ जान कर भी राज्य सरकार चुपचाप बैठी है.
