संवाददाताओं से बातचीत करते हुए चाय बागान के मुद्दे को लेकर राज्य की तृणमूल सरकार तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि संविधान के तहत जो संघीय व्यवस्था है उसके तहत राज्य के नागरिकों के कल्याण की जिम्मेवारी राज्य सरकार की होती है.
ममता बनर्जी के नेतृत्व में वर्तमान तृणमूल सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है. आये दिन भूख की वजह से चाय श्रमिकों की मौत की घटना के बाद केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने डुवार्स में डंकन्स ग्रुप के सात चाय बागानों का अधिग्रहण किया है. जब उनसे यह पूछा गया कि डुवार्स के कई चाय बागान बंद पड़े हैं और कई की स्थिति खराब है. ऐसे में केंद्र सरकार ने सिर्फ सात चाय बागानों का ही अधिग्रहण क्यों किया, के जवाब में विजयवर्गीय ने कहा कि अभी तो यह शुरूआत है. आने वाले दिनों में और भी कई चाय बागानों के अधिग्रहण की संभावना बनी हुई है. इस बीच, डंकन्स ग्रुप ने अधिग्रहण को कोर्ट में चुनौती दे दी है. इस मुद्दे पर विजयवर्गीय ने कहा कि यह एक अदालती मामला है और केंद्र सरकार अदालत में ही इसका जवाब देगी. यहां उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान डुवार्स में चाय बागानों की बदहाल स्थिति ने काफी विकराल रूप धारण कर लिया है. खासकर डंकन्स ग्रुप के चाय बागानों की स्थिति तो बेहद खराब है. आये दिन किसी न किसी चाय बागान में चाय श्रमिकों की मौत हो रही है. एक अनुमान के मुताबिक करीब डेढ़ सौ चाय श्रमिक भूख एवं बीमारी की वजह से मारे जा चुके हैं. पिछले महीने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण सिलीगुड़ी के दौरे पर आयी थीं. इस दौरान उन्होंने डुवार्स तथा तराई के चाय बागानों का भी जायजा लिया. केंद्र सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने हाल ही में टी बोर्ड को डुवार्स में डंकन्स ग्रुप के सात चाय बागानों के अधिग्रहण के लिए कहा है. इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है.
