दिव्यांग परीक्षार्थियों में पम्मी रजक भी दे रही है माध्यमिक परीक्षा
सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल राज्य शिक्षा बोर्ड की माध्यमिक परीक्षा सोमवार से शुरू हो गयी. कड़ी सुरक्षा के बीच आज से शुरू इस परीक्षा का पहला दिन शांतिपूर्ण रहा. इस बार पूरे उत्तर बंगाल से जहां 2,55,745 छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं. इनमें 76 दिव्यांग एवं विभिन्न जेलों से 28 बंदी भी परीक्षा दे रहे हैं. […]
सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल राज्य शिक्षा बोर्ड की माध्यमिक परीक्षा सोमवार से शुरू हो गयी. कड़ी सुरक्षा के बीच आज से शुरू इस परीक्षा का पहला दिन शांतिपूर्ण रहा. इस बार पूरे उत्तर बंगाल से जहां 2,55,745 छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं. इनमें 76 दिव्यांग एवं विभिन्न जेलों से 28 बंदी भी परीक्षा दे रहे हैं.
दिव्यांग परीक्षार्थियों में सिलीगुड़ी के डॉ राजेंद्र प्रसाद गर्ल्स हिंदी हाइस्कूल की पम्मी रजक भी शामिल है. जन्म से ही अपने दोनों पैर से दिव्यांग पम्मी हाकिमपाड़ा बालिका विद्यापीठ परीक्षा केंद्र में बगैर सहयोगी के ही खुद परीक्षा दे रही है. परीक्षा केंद्र का एक कमरा उसके लिए अलग से व्यवस्थित किया गया है. आज परीक्षा के पहले दिन प्रथम भाषा की परीक्षा थी. इसके तहत उसने हिंदी की परीक्षा दी.
अपराह्न तीन बजे परीक्षा देकर जब वह स्कूल से बाहर निकली तो काफी खुश थी. उसने बताया कि हिंदी का प्रश्न पत्र काफी अच्छा आया और परीक्षा भी अच्छा हुआ है. पम्मी के साथ अभिभावक के रूप में मौजूद उसके मामा बबलू रजक ने मीडिया के सवालों के जवाब में बताया कि उसके पास दिव्यांग प्रमाण-पत्र नहीं है. हाल ही में सिलीगुड़ी जिला अस्पताल से प्रमाण निकलवाकर छह दिन पहले ही 27 जनवरी को दिव्यांग प्रमाण-पत्र के लिए सिलीगुड़ी महकमा अधिकारी (एसडीओ) के पास आवेदन किया गया है. लेकिन इतनी जल्दी प्रमाण-पत्र न मिलने के कारण ही पम्मी को बगैर सहयोगी के ही खुद परीक्षा देना पड़ रहा है.
सिलीगुड़ी के चार नंबर वार्ड के दुर्गा नगर की रहनेवाली पम्मी के माता-पिता उषा कुमारी व चंद्रशेखर रजक के अलावा स्कूल की प्रधान शिक्षिका संचिता देव एवं अन्य सभी शिक्षिकाएं, सहपाठी सभी उस पर गर्व महसूस कर रहे हैं. दूसरी ओर, घुघुमाली गर्ल्स हाइस्कूल की परीक्षार्थी पूजा गोप दोनों आंखों से नहीं देख सकती. वह नेताजी ब्यॉज हाइस्कूल परीक्षा केंद्र में सहयोगी के मदद से परीक्षा दे रही है.