रोकी जा रही हैं केंद्र की योजनाएं

सिलीगुड़ी: आगामी विधानसभा चुनाव में अपने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य की तृणमूल सरकार केंद्र सरकार की योजनाओं को पूरा करने में मदद नहीं कर रही है़ पश्चिम बंगाल के विकास में तृणमूल सरकार रोड़ा बन कर खड़ी है. यह आरोप दार्जिलिंग जिला के भाजपा सांसद एस.एस. अहलुवालिया ने लगाया है़. वह माटिगाड़ा स्थित अपने […]

सिलीगुड़ी: आगामी विधानसभा चुनाव में अपने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य की तृणमूल सरकार केंद्र सरकार की योजनाओं को पूरा करने में मदद नहीं कर रही है़ पश्चिम बंगाल के विकास में तृणमूल सरकार रोड़ा बन कर खड़ी है. यह आरोप दार्जिलिंग जिला के भाजपा सांसद एस.एस. अहलुवालिया ने लगाया है़.

वह माटिगाड़ा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि चुनाव की वजह से ममता बनर्जी नहीं चाहती हैं कि भाजपा की केंद्र सरकार राज्य में विकास का कार्य करे. उन्होंने कहा कि विकास कार्य को समर्थन ना देने का परिणाम तृणमूल सिलीगुड़ी नगर निगम व सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव में भुगत चुकी है़ उसके बाद भी वही रवैया अपनाये हुयी है. उन्होंने कहा कि इस राज्य में राज्यसभा व लोकसभा मिलाकर कुल 68 सांसद हैं, इनमें से सिर्फ तीन सांसदो ने ही केंद्र की आदर्श ग्राम योजना को अपनाया. उसके बाद भी राज्य सरकार का कोई अधिकारी आदर्श ग्राम योजना में सहयोग करने को तैयार नहीं है. विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की घटती ताकत संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी नगर निगम एवं महकमा परिषद चुनाव में भाजपा ने बढ़त हासिल नहीं की, इसका मतलब यह नहीं कि विधानसभा चुनाव में भी भाजपा पीछे रहेगी. सभी चुनाव का अपना महत्व होता है एवं जनता अपनी जरूरतों के अनुसार मतदान करती है़ विधानसभा चुनाव में गोजमुमो द्वारा16 से 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि गोजमुमो भाजपा के साथ है एवं हमलोग साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे. इसके अलावा भाजपा को केपीपी का भी समर्थन प्राप्त है, जबकि तृणमूल केपीपी के साथ गठबंधन की कवायद तेज कर चुकी है. हर्क बहादुर की नयी पार्टी पर व्यंग्य करते हुये उन्होंने कहा कि वह तो शेडो-बॉक्सिंग के लिये मैदान में उतरे हैं.

सांसद ने बताया कि राज्य में तृणमूल सरकार आने के बाद 18 जुलाई 2011 को सिलीगुड़ी के पिंटेल विलेज में गोरखा क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) बनाने के अलावा विकास के नाम पर ममता सरकार ने कुछ नहीं किया. मुख्यमंत्री बांटो और राज करो की नीति अपनाकर गोरखा जाति का विभाजन करने के लिए विभिन्न जाति के नाम पर बोर्ड का गठन कर रही है. जीटीए समझौते में है कि राज्य सरकार जीटीए के द्वारा पहाड़ का विकास करेगी़ आधुनिक सेवा से परिपूर्ण अस्पताल, विश्वविद्यालय, सौनिक विद्यालय आदि का निर्णाण करेगी, लेकिन आज तक राज्य सरकार ने कोइ भी विकास कार्य नहीं किया.


उन्होंने आगे कहा कि जीटीए को लेकर दिल्ली में होने वाली त्रिपक्षीय बैठक को तृणमूल रसरकार जानबूझ कर रद्द क रही है़ राज्य सरकार नहीं चाहती कि चुनाव से पहले यह बैठक हो. सांसद ने बताया कि इस त्रिपक्षीय बैठक की तिथि वर्ष 2015 के सितंबर में ही तय हुयी थी़ उसे स्थगित कर दिया गया़ इसके बाद अगली बैठक दिसंबर में तय की गयी़ राज्य के गृह सचिव पदोन्नत होकर मुख्य सचिव बन गये एवं तैयारी के लिये समय की मांग कर बैठक को टाल दिया. इसके बाद वर्ष 2016 के दो फरवरी को त्रिपक्षीय बैठक की तिथि निर्धारित की गयी़ इसे भी बहाना कर टाल दिया गया. ममता सरकार यह अच्छी तरह से जानती है त्रिपक्षीय बैठक में केंद्र सरकार जिम्मेदारी को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनायेगी़ इसी वजह से ममता सरकार बैठक में शामिल होने से कतरा रही है.
सबुज साथी योजना में घोटाला
दार्जिलिंग के भाजपा सांसद एस एस अहलुवालिया ने सबुजसाथी योजना में घोटाले का आरोप लगाया है़ इस योजना के तहत राज्य सरकार स्कूली बच्चों को साइकिल देती है़ हाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी इस योजना के तहत चौंतीस हजार साइकिलें प्रदान की थी़ आज पत्रकारों से बात करते हुये श्री अहलुवालिया ने कहा कि सबुजसाथी योजना के तहत राज्य सरकार दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों से भेदभाव कर रही है. उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि दार्जिलिंग जिले में साइकिल का वितरण ठीक से नहीं किया गया है. सबुजसाथी परियोजना में घोटाले का आरोप लगाते हुये उन्होंने कहा कि साइकिल की आपूर्ति के लिये तीन कंपनियों ने टेंडर दिया था़ जिसमें हिरो, ए1, एवं ट्यूब इनवेस्ट इंडिया लिमिटेड शामिल है. इन तीनों कंपनी में ट्यूब इनवेस्ट इंडिया नामक कंपनी इनवेस्टमेंट कंपनी है़ साइकिल बनाने से उसका कोई लेना देना नहीं है़ फिर भी उस कंपनी का टेंडर शामलि किया गया़ इसके साथ ही श्री अहलुवालिया ने उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव पर भी हमला बोला और कहा कि पासपोर्ट सेवा केंद्र बनाने के मामले में वह सहयोग नहीं कर रहे है़ उन्होंने कहा है कि गौतम देव ने हिमाचल विहार में पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिये भवन तैयार करन केंद्र सरकार को सौंप देने की बात कही थी जो सही नहीं है़ श्री अहलूवालिया ने कि मंत्री गौतम देव झूठ बोल रहे हैं. राज्य लोक निर्माण विभाग ने पासपोर्ट कार्यालय के लिये तैयार भवन को अबतक विदेश मंत्रालय को नहीं सौंपा है़ जिसकी वजह से पासपोर्ट कार्यालय की शुरूआत नहीं की जा रही है़ उन्होंने कहा कि यही हाल फूलबाड़ी इमिग्रेशन सेंटर का भी है.

श्री अहलुवालिया ने डंकन्स ग्रुप के बीरपाड़ा, गैरगंडा, लंकापाड़ा, हंटापाड़ा, दुम्चीपाड़ा, तुलसीपाड़ा एवं डिमडिमा चाय बागान के केंद्र सरकार के अधिग्रहण का स्वागत किया़ उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को पत्र देकर चाय बागान अधिग्रहण एवं टी प्लांटेशन लेबर एक्ट में संसोधन की मांग की थी. इसी के तहत डंकन्स ग्रुप के सात चाय बागानों का केंद्र सरकार ने अधिग्रहण कर लिया. अब इन बागानों को चलाने की जिम्मेदारी जो लोग लेंगे, उन्हें श्रमिकों का पिछला बकाया नहीं देना होगा़ जिस डंकन्स ग्रुप ने मुनाफा कमाया है उन्हें ही बकाया देना होगा. उन्हेंने साफ तौर पर कहा कि डंकन्स को क्षेत्र में मुनाफा हुआ है, लेकिन ग्रुप को अन्य व्यवसाय में हानि हो गयी़ इसका खामियाजा चाय श्रमिकों की भुगतना पड़ रहा है.

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