एक महीने के अंदर दो बार आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान महानंदा नदी पर बने लालमोहन घाट की साफ-सफाई नहीं की गयी. संगठन की ओर से साफ-सफाई को लेकर मेयर तथा साफ-सफाई विभाग के मेयर पार्षद को सूचना भी दी गयी. उनसे घाटों की सफाई की मांग की गयी, लेकिन नगर निगम ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया.
निखिल सहनी के इस सवाल पर मेयर पार्षद मुकुल सेनगुप्ता ने माना कि साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं की गयी थी. उन्होंने कहा कि जेसीबी मशीन में तेल नहीं होने की वजह से उसे साफ-सफाई के लिए लालमोहन मौलिक घाट नहीं भेजा जा सका. हालांकि नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा साफ-सफाई किये जाने की बात उन्होंने कही. शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में डान बास्को स्कूल के निकट अधूरे पड़े भवन का मामला भी उठा. पहले यहां एक अस्पताल का निर्माण होना था. काम बीच में ही रुका पड़ा है. सिलीगुड़ी नगर निगम अब यहां मार्केट काम्प्लेक्स का निर्माण करवा रहा है. इसका तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों ने विरोध किया. उनका कहना था कि उस स्थान पर अस्पताल ही बनना चाहिए. इस पर मेयर अशोक भट्टाचार्य ने जवाब देते हुए कहा कि अस्पताल बनाने के लिए नगर निगम के पास पैसे नहीं हैं.
राज्य सरकार किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नगर निगम की नहीं कर रही है. धन की कमी की वजह से विभिन्न विकास परियोजनाओं को पूरा कर पाना संभव नहीं हो रहा है. ऐसे में अस्पताल बनाने का काम कहां से पूरा होगा. बोर्ड बैठक में मेयर अशोक भट्टाचार्य ने भी तृणमूल कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खाद्य साथी योजना की शुरुआत की है और इस योजना से 90 प्रतिशत गरीबों का नाम हटा दिया गया है. तृणमूल पार्षदों ने इसका खंडन किया.
