सुमित्रा देवी कोठारी के निधन पर शोक की लहर

सिलीगुड़ी. रामजन्म भूमि आंदोलन में कार सेवक के रूप में अपने दो बेटों की कुर्बानी देने वाली साहसी माता सुमित्रा देवी कोठारी (65) के निधन पर विश्व हिंदु परिषद (विहिप) के सिलीगुड़ी इकाई में शोक की लहर है. विहिप के जिला प्रमुख सुशील रामपुरिया ने उनकी मौत पर अफसोस जाहिर करते हुए दिवंगत आत्मा की […]

सिलीगुड़ी. रामजन्म भूमि आंदोलन में कार सेवक के रूप में अपने दो बेटों की कुर्बानी देने वाली साहसी माता सुमित्रा देवी कोठारी (65) के निधन पर विश्व हिंदु परिषद (विहिप) के सिलीगुड़ी इकाई में शोक की लहर है. विहिप के जिला प्रमुख सुशील रामपुरिया ने उनकी मौत पर अफसोस जाहिर करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति एवं पूरे परिवार को शक्ति देने की कामना की. उन्होंने कहा कि सुमित्रा देवी की मौत 26 जनवरी को कोलकाता में हो गयी.

वह इनदिनों बीमार चल रही थी. देश ने एक साहसी माता को खोया है. श्री रामपुरिया ने कहा कि नवंबर 1990 में पूरे देश में हुए रामजन्म भूमि आंदोलन के दौरान अयोध्या में गोलीकांड के दौरान कार सेवक के रूप में सुमित्रा देवी के दो लड़के राम और शरद शहीद हुए थे. उन दोनों की शहादत के बाद माता-पिता ने गर्व से कहा था कि अगर उनके और दो लड़के न होने का अफसोह है.

अगर उनके चार लड़के होते तो सभी को राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुध्न के रूप में अयोध्या भेजते और देश सेवा एवं धर्म की रक्षा हेतु चारों को कुर्बान कर देते. अभी हाल ही में शहीद दोनों भाई की बहन पूर्णिमा कोठारी सिलीगुड़ी दौरे पर आयी थी. वह अपने भाईयों को अमर करने के लिए उनके नाम से एक ट्रस्ट भी चला रही है, इस ट्रस्ट का उद्देश्य सामाज सेवा के साथ-साथ देश सेवा एवं धर्म की रक्षा हेतु युवाओं को आगे लाना है.

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