काले शीशे लगे वाहन में घुम रहे हैं सरकारी बाबू

मालदा: मालदा शहर में इन दिनों काले शीशे लगे वाहनों की भरमार है. आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े सरकारी एवं प्रशासिनक अधिकारी अपने वाहनों में काले शीशे का उपयोग कर रहे हैं. यह अपने आप में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी खुलेआम उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों में काले शीशे लगाने पर पूरी […]

मालदा: मालदा शहर में इन दिनों काले शीशे लगे वाहनों की भरमार है. आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े सरकारी एवं प्रशासिनक अधिकारी अपने वाहनों में काले शीशे का उपयोग कर रहे हैं. यह अपने आप में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी खुलेआम उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों में काले शीशे लगाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है.

उसके बाद भी मालदा जिले में इसका उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है. कई ब्लॉकों के बीडीओ से लेकर पंचायत समिति, जिला परिषद, यहां तक कि जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी इस तरह के वाहनों का उपयोग कर रहे हैं. यहां उल्लेखनीय है कि हाल में ही कोलकाता में वाहन के टक्कर से वायु सेना के एक जवान की मौत हो गई थी. इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता का बेटा मुख्य आरोपी है. जिस वाहन से टक्कर हुई थी, उसमें काले शीशे लगे हुए थे. सीसीटीवी फुटेज में इस बात का पता नहीं चल पा रहा है कि चालक के अलावा वाहन में और कौन-कौन लोग सवार था. इससे पुलिस जांच में भी बाधा आ रही है.

इस घटना के बाद से कोलकाता में पुलिस ने ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. मालदा में भी कुछ महीने पहले काले कांच लगे वाहनों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन अब यह अभियान पूरी तरह से बंद है. जिसके परिणामस्वरूप शहर में ऐसे वाहनों की भरमार हो गई है. पुलिस तथा मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है. इस मामले पर जब आंचलिक परिवहन अधिकारी तपन मल्लिक से बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि वाहनों में काले शीशे लगाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक लगी हुई है. बीच-बीच में वह लोग पुलिस के सहयोग से ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाते हैं.

आने वाले दिनों में भी इस प्रकार के अभियान की शुरूआत की जायेगी. कुछ प्रशासनिक अधिकारी भी अपने वाहनों में काले शीशे का उपयोग कर रहे हैं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. इस मामले में वह तथ्यों का पता लगायेंगे. इस बीच, स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इंगलिश बाजार के बीडीओ डीआरडीसी के प्रोजेक्ट निदेशक तथा जिला परिषद के प्रोजेक्ट निदेशक के वाहन में काले शीशे लगे हुए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सी गलती पर भी पुलिस आम लोगों के वाहनों के खिलाफ तो कड़ी कार्रवाई करती है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के मामले में चुप्पी साधे बैठी है.
क्या कहते हैं जिला अधिकारी
मालदा के जिला अधिकारी शरद द्विवेदी का कहना है कि वह इस मामले पर गौर करेंगे. वह पुलिस तथा आरटीओ के साथ शीघ्र ही इस मामले को लेकर बाचीत करेंगे. ऐसे वाहनों के खिलाप यथाशीघ्र कार्रवाई शुरू की जायेगी.

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