दीदी की ‘सबुजसाथी’ योजना

सिलीगुड़ी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘दीदी’ की महत्त्वाकांक्षी योजना ‘सबुजसाथी’ के तहत सिलीगुड़ी नगर निगम और महकमा क्षेत्र के विद्यार्थियों में सोमवार को 25 हजार साइकिलों का वितरण किया जाना था. लेकिन 25 हजार साइकिलों का वितरण नहीं हुआ. मात्र पांच से 10 हजार साइकिलों का ही वितरण हो सका. कई छात्र-छात्राओं को साइकिल न मिलने […]

सिलीगुड़ी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘दीदी’ की महत्त्वाकांक्षी योजना ‘सबुजसाथी’ के तहत सिलीगुड़ी नगर निगम और महकमा क्षेत्र के विद्यार्थियों में सोमवार को 25 हजार साइकिलों का वितरण किया जाना था. लेकिन 25 हजार साइकिलों का वितरण नहीं हुआ. मात्र पांच से 10 हजार साइकिलों का ही वितरण हो सका. कई छात्र-छात्राओं को साइकिल न मिलने पर बैरंग ही घर लौट गये. जिन्हें मिला उनमें भी अधिकांश नाराज दिखें. वजह अधिकांश साइकिलों की पहले दिन ही हवा निकल गयी. कई साइकिलों के टायरों में हवा ही नहीं था.

साइकिल दुकानों में हवा भराने पर कई टायर ब्लास्ट कर गये, तो कई साइकिलों के पैडल घुमाते ही चैन टूट गये. साइकिलें मरम्मत कराने के लिए सिलीगुड़ी के चंपासारी इलाके के प्रायः सभी दुकानों में छात्र-छात्राओं की दिन भर भीड़ लगी रही. कई छात्र-छात्राओं को खराब साइकिलों को रिक्शा-वैन पर लादकर घर लौटते देखा गया. नाराज छात्र-छात्राओं ने साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है.

मारग्रेट स्कूल के एक छात्र ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि वह साइकिल रैली में शामिल होने के लिए जैसे ही पैडल घुमाया चैन टूट गया. डॉ राजेंद्र प्रसाद गर्ल्स हिंदी हाइस्कूल की एक छात्रा को बगैर हवा की ही साइकिल मिली. उसके साइकिल के दोनों टायरों में ही हवा नहीं थी. एक दुकानदार ने उसके साइकिल में जैसे ही हवा भरा पीछे चक्का का टायर ब्लास्ट कर गया. उसके पास टायर-ट्यूब बदलने के पैसे भी नहीं थे. मजबूरन उसको साइकिल रिक्शा पर लादकर घर ले जाना पड़ा. नाराज छात्र-छात्राओं ने दीदी द्वारा साइकिल वितरण की इस योजना को जहां सराहा वहीं, साइकिल की गुणवत्ता पर भी दीदी को ध्यान देने की नसीहत दी.

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