सिलीगुड़ी. ममता का दूसरा नाम ही ‘अशांति’ है. वह जहां जाती है वहीं कुछ-न-कुछ बवाल करती है. साइकिल वितरण करती है तो बवाल, पहाड़ जाती है तो जाति का बंटवारा कर बवाल करती है. ममता कभी भी शांति से बैठने वाली मुख्यमंत्री नहीं है. यह कहना है बंगाल विधानसभा के प्रतिपक्ष के माकपा नेता सूर्यकांत […]
सिलीगुड़ी. ममता का दूसरा नाम ही ‘अशांति’ है. वह जहां जाती है वहीं कुछ-न-कुछ बवाल करती है. साइकिल वितरण करती है तो बवाल, पहाड़ जाती है तो जाति का बंटवारा कर बवाल करती है. ममता कभी भी शांति से बैठने वाली मुख्यमंत्री नहीं है. यह कहना है बंगाल विधानसभा के प्रतिपक्ष के माकपा नेता सूर्यकांत मिश्रा का.
वह सोमवार को सिलीगुड़ी के हिलकार्ट रोड स्थित जिला पार्टी मुख्यालय अनिल विश्वास भवन में प्रेस-वार्ता के दौरान मीडिया को संबोधित कर रहे थे. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव मोरचा वाम मोरचा के साथ मिलकर लड़ना चाहे तो ‘वेलकम’ है लेकिन उसे पहले भाजपा का साथ छोड़ना होगा.
उन्होंने कहा कि तणमूल को हराने के लिए वाम मोरचा पहले ही सभी विरोधी पार्टियों को एक होकर चुनाव लड़ने का अपील कर चुकी है. प्रेस-वार्ता के दौरान श्री मिश्रा के साथ वाम मोरचा के दार्जिलिंग जिला के संयोजक जीवेश सरकार भी मौजूद थे.