मतुआ संप्रदाय ने तृणमूल के खिलाफ बोला हमला

ममता पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप सिलीगुड़ी : जिन गरीब लोगों की जमीन छीने जाने को मुद्दा बनाकर तृणमूल सुप्रीमा ममता बनर्जी सत्ता में आयी थी आज उन्हीं गरीब लोगों की अधिग्रहित जमीन सरकार वापस नहीं कर रही है़ यह आरोप मतुआ संप्रदाय के लोगों ने लगाया है और ममता सरकार के खिलाफ आंदोलन की […]

ममता पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
सिलीगुड़ी : जिन गरीब लोगों की जमीन छीने जाने को मुद्दा बनाकर तृणमूल सुप्रीमा ममता बनर्जी सत्ता में आयी थी आज उन्हीं गरीब लोगों की अधिग्रहित जमीन सरकार वापस नहीं कर रही है़ यह आरोप मतुआ संप्रदाय के लोगों ने लगाया है और ममता सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है़
अखिल भारतीय मतुआ संघ के मनिमोहन विश्वास ने यह एलान किया है़ उन्होंने यहा भी कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जमीन वापस नहीं किए जाने पर वहलोग ममता बनर्जी कि खिलाफ सड़क पर उतरेंगे़ वह यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे़ उल्लेखनीय है कि वाम शासनकाल में सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण की ओर से आइटी पार्क जैसे विभिन्न परियोजनाओं के लिये सिलीगुड़ी शहर से सटे कावाखाली और पौराझार इलाके में कई एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था.
जिसमें हरिचंद व मतुआ समाज के लोगों की कुल साढ़े ग्यारह एकड़ जमीन है. श्री विश्वास ने कहा कि मतुआ समाज के लोग अपनी जमीन देने को कतइ राजी नहीं थे. साढ़े ग्यारह एकड़ में हरिचंद समाज की सिर्फ साढ़े छह बीघा जमीन है. मतुआ संप्रदाय ने तत्कालीन वाम मोरचा सरकार से भी जमीन वापस देने की मांग की थी.
सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल सरकार से भी जमीन वापस देने की मांग की गयी़ मतुआ समाज की ओर से जमीन वापसी की फरियाद उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव से की गयी़ उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उस फरियाद का कोई जबाब आज तक नहीं मिला. मनिमोहन का कहना है कि वहां फिल्म सिटी बने या तीस्ता सिटी, जो भी होगा अमिरों के लिये़ इसमें उनका क्या लाभ है. हम गरीब लोगों की एक ही पूंजी है जमीन, जिसे हम किसी भी कीमत पर सरकार को हड़फने नहीं देंगे. श्री विश्वास ने आगे कहा कि मंत्री गौतम देव बहुत ही अच्छे आदमी हैं.
अगर आज ममता के स्थान पर गौतम देव मुख्यमंत्री होते तो हमारी जमीन वापस मिल गयी होती.उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस स्थान पर फिल्मसिटी बनाने की घोषणा की थी़ हाल ही में फिल्मसिटी की योजना को रद्द कर राज्य सरकार ने उसी स्थान पर तीस्ता सिटी बनाने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद तृणमूल सरकार किसानों का दर्द भूल गयी है़ इसी वजह से जमीन वापस करने की कोइ पहल नहीं कर रही है़
उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार की ओर से जमीन वापस नहीं की गयी तो उत्तर बंगाल के 42 लाख मतुआ लोग एकजुट होकर बृहत्तर आंदोलन करायेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा भी कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल का समर्थन नहीं भी कर सकते हैं. जो भी पार्टी उनकी जमीन वापस दिलायगी,विधानसभा चुनाव में उन्हीं का समर्थन करेंगे़.

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