सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में डंकन्स ग्रुप के 16 चाय बागानों की समस्या को लेकर राज्य श्रम विभाग की ओर से त्रिपक्षीय बैठक बुलायी गयी है. इस बैठक का आयोजन कोलकाता में होना है़ डंकन्स के चाय बागानों के साथ ही डुवार्स के चाय श्रमिकों की निगाहें भी इस बैठक पर टिकी हुई है़ हालांकि यह अब तय हो गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बैठक में शामिल नहीं हो रही हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तर बंगाल के दौरे पर हैं. इस बैठक में डंकन्स ग्रुप के मालिक,श्रमिक संगठन के नेता तथा राज्य श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे.
इस बीच,डंकन्स ग्रुप के मालिकों का दावा है उनके चाय बागानों की परिस्थिति स्वभाविक है,जबकि वास्तविकता भिन्न है. डंकन्स के सभी चाय बागानों के श्रमिकों का वेतन व राशन बकाया है़ इसके अलावा श्रमिकों को मिलने वाली अन्य सभी सुविधाएं भी बंद है़ं जिसकी वजह से बागानों में काम-काज ठप्प पड़ा हुआ है़ कई चाय बागानों में तो मैनेजर ही नहीं है़ श्रमिकों के रोष का शिकार होने के डर से यह लोग भाग गये हैं. हाल ही में इसी आशंका को जाहिर करते हुए नागेश्वरी चाय बागान के प्रबंधक ने बागान बंद करने का फरमान भी जारी किया था. ऐसे बाद में इसे वापस ले लिया गया था़ फिर भी पिछले आठ दिनों से बागान बंद ही है़
चाय श्रमिक नेताओं द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को श्रम विभाग के साथ होने वाली त्रिपक्षीय बैठक में बागान की मौजूदा परिस्थिति पर विशेष चर्चा होगी. इस बैठक में शामिल होने के लिये डंकन्स ग्रुप के मालिकों को पहले ही पत्र दे दिया गया है़
ऐसे शुक्रवार को होने वाली बैठक से पहले भी डंकन्स के मालिकों के साथ कई बार बैठक की जा चुकी है, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला. हाल ही में सिलीगुड़ी स्थ्ति राज्य अतिथि आवास में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन एवं राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के साथ डंकन्स ग्रुप के मालिक जीपी गोयनका की बैठक हुई थी. इस बैठक के बाद जीपी गोयनका ने जल्द बागान खुलने का दावा किया था़.
चाय श्रमिक संगठनों के संयुक्त फोरम के संयोजक जिआउल आलम ने बताया 22 जनवरी को होने वाली बैठक के सफल होने की उम्मीद कम है़ आज से पहले भी बैठकें की जा चुकी है़ एक में भी बागान खोलने को लेकर सफलता नहीं मिली़ उन्होंने कहा कि डंकन्स ग्रुप के साथ श्रम विभाग की नहीं बल्कि वाणिज्य विभाग की बैठक होनी चाहिये थी. फिर भी उन्होंने कहा कि हो सकता है कोइ न कोइ सामाधान निकल आये.
