इसी को लेकर वह डंकन्स के मालिक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के लिए थाने गये थे. यहां उल्लेखनीय है कि पिछले एक साल से डंकन्स समूह के 14 चाय बागान या तो बंद हैं अथवा इनकी स्थिति खस्ताहाल है. इसके अलावा इसी कंपनी का एक और चाय बागान 12 जनवरी से बंद हो गया है. नागेश्वरी चाय बागान को 12 जनवरी की सुबह बंद करने की घोषणा की गई और उसी दिन बागान प्रबंधन ने इसको फिर से खोलने का भी ऐलान कर दिया था. बागान के सुपरीटेंडेंट मैनेजर पीसी कपूर ने बागान को बंद करने और बाद में फिर खोलने की घोषणा की थी. बागान खोले जाने की घोषणा के बाद ही यह बंद पड़ा है. बुधवार को श्रमिक यहां काम करने गये थे. बागान को बंद देखकर इन लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी शुरू किया.
इस बीच, बृहस्पतिवार को विधायक जोसफ मुंडा के साथ माकपा के भी कई श्रमिक नेता थाना गये थे. शिकायत दर्ज नहीं किये जाने के बाद यह सभी लोग भड़के हुए हैं. जोसफ मुंडा ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि सारधा कंपनी के मालिक सुदीप्त सेन के खिलाफ विभिन्न थानों में कई शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं.
इन शिकायतों के आधार पर उसकी गिरफ्तारी भी हुई है. डंकन्स ग्रुप के मालिक श्रमिकों के करोड़ों रुपये डकार गये हैं, फिर इनके खिलाफ पुलिस में शिकायत क्यों दर्ज नहीं होगी. उसके बाद जोसफ मुंडा लौट कर वापस चले गये और बाद में उन्होंने श्रमिक यूनियन नेताओं के साथ एक बैठक की. इस बैठक में डंकन्स कंपनी के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया गया है. आज जोसफ मुंडा के साथ एनयूपीडब्ल्यू नेता मानिकशील, टीबीएमयू नेता गुहा मंडल, तृणमूल नेता राजेन लोहार आदि भी थे. इन लोगों ने कहा कि घोषणा किये जाने के बाद भी डंकन्स के मालिक चाय बागान नहीं खोल रहे हैं. आने वाले दिनों में वह लोग बड़ा आंदोलन करेंगे.
