अलीपुरद्वार : डंकन्स ग्रुप के बंद पड़े चाय बागानों को दस दिनों के भीतर नहीं खोले जाने पर चाय श्रमिकों ने अनिश्चित काल के लिये 31 नंबर राष्ट्रीय राज मार्ग जाम करने की धमकी दी है. श्रमिकों का कहना है कि दस दिनों के अंदर मालिकों को बागान खोलना होगा या फिर बागान को बंद करने की घोषणा आधिकारक रूप से करनी पड़ेगी़ जिससे कि श्रमिकों को सरकारी सहायता मिल सके.
सोमवार को डंकन्स ग्रुप के अलीपुरद्वार अंतर्गत धुम्चीपाड़ा चाय बागान में श्रमिकों ने रैली निकाली और 31 नंबर राष्ट्रीय राज मार्ग बंद करने की धमकी दी. चाय बागान बचाव कमिटी के नेतृत्व में आज की रैली में करीब 1200 श्रमिकों ने हिस्सा लिया था.
धुम्चीपाड़ा चाय बागान के श्रमिक राजेन लोहार एवं दुर्गा राम पाइक ने बताया कि पिछले नौ महीनों से श्रमिकों को वेतन, राशन सहित अन्य सुविधायें नहीं मिल रही हैं. केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमन, राज्य के मंत्री पार्थ चटर्जी, श्रमिक संगठन व डंकन्स ग्रुप के मालिकों के बीच सिलीगुड़ी के राज्य अतिथि आवास में चाय बागान खोलने को लेकर बैठक हुयी.
बैठक में जल्द बागान खोलने का दावा किया गया़ बागान अभी भी बंद है़ इसी वजह से श्रमिकों ने बागान खोलने के लिये दस दिन का अल्टीमेटम दिया है. यदि इन दस दिनों में बागान को चालू नहीं किया गया तो अनिश्चित काल के लिये 31 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद किया जायेगा़ चाय बागान बचाव कमिटी के मदारीहाट ब्लॉक सचिव विष्णु घातानी ने बताया कि मालिक पक्ष की ओर से दुम्चीपाड़ा चाय बागान में प्रतिनिधी रखने के बाद कार्य बंद है.
अत: दस दिनों में बागान में कार्य शुरू ना कर पाने पर मालिक पक्षकी ओर से बागान बंद करने की आधिकारिक घोषणा की जानी चाहिए. जिससे कि बागान श्रमिक सरकारी सहायता एवं 1500 रूपये मासिक भत्ता पा सकें. बागान की ऐसी परिस्थिति में श्रमिक नदी में पत्थर तोड़ कर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं.
इसके अतिरिक्त भूख व चिकित्सा के अभाव में श्रमिकों की मौत भी हो रही है. श्रमिकों का कहना है कि बागान में खाना व चिकित्सा के अभाव में मौतें हो ही रही हैं, तो क्यों ना आंदोलन करते हुये मौत को गले लगाया जाये. श्रमिकों ने बताया कि ग्यारहवें दिन थाली व कटोरा हाथ में लेकर डुआर्स से गुजरने वाले 31 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग को अनिश्चित काल के लिये बंद किया जायेगा.
