वहीं मनोज वर्मा ने बताया कि सड़क हादसों का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. इसकी वजह वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक नियम-कानूनों का पालन न किया जाना है. सड़क सुरक्षा सप्ताह के पहले दिन पदयात्रा एवं समारोह में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी, हेड क्वार्टर) इन्द्रजीत चक्रवर्ती, डीसीपी (ईस्ट) अमलान घोष, एसीपी (वेस्ट) राज करण नायर, एसीपी (ईस्ट) पिनाकी मजूमदार, विभिन्न थानों के पुलिस आलाधिकारियों के अलावा समाज के विशिष्ट व्यक्ति एवं विभिन्न स्कूलों के स्काउट, गाइड, एनसीसी कैडेट एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए.
जागरूकता: छोटी असावधानी से बड़ा हादसा
सिलीगुड़ी: ‘छेलेर आबदार राखते बाबा, दीच्छे कीने गाड़ी/ घोरे बोसे भावछे मां, फिरबे कखन बाड़ी’ जैसे नारों की तख्तियों के मार्फत स्कूली बच्चों एवं सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने शहरवासियों को ट्रैफिक कानूनों को मानने का पैगाम दिया. मौका था सड़क सुरक्षा सप्ताह का. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन ट्रैफिक पुलिस के बैनर तले आयोजित सड़क सुरक्षा सप्ताह का […]

सिलीगुड़ी: ‘छेलेर आबदार राखते बाबा, दीच्छे कीने गाड़ी/ घोरे बोसे भावछे मां, फिरबे कखन बाड़ी’ जैसे नारों की तख्तियों के मार्फत स्कूली बच्चों एवं सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने शहरवासियों को ट्रैफिक कानूनों को मानने का पैगाम दिया. मौका था सड़क सुरक्षा सप्ताह का. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन ट्रैफिक पुलिस के बैनर तले आयोजित सड़क सुरक्षा सप्ताह का आगाज रविवार को पदयात्रा से हुआ. पदयात्रा को बतौर मुख्य अतिथि दार्जिलिंग के जिला अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव व सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सिलीगुड़ी कोर्ट कैम्पस से शुरू हुई यह पदयात्रा अस्पताल मोड़, हाशमी चौक, हिलकार्ट रोड, एयरव्यू मोड़ होते हुए महानंदा नदी किनारे लाल मोहन निरंजन मौलिक घाट के पास बने मंच पर पहुंच कर समारोह में तब्दील हो गयी.
समारोह को संबोधित करते हुए डीएम अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि जिंदगी बहुत कीमती है, इसलिए वाहन चलाते समय ट्रैफिक कानूनों को मानना जरूरी है. उन्होंने कहा कि जरा सी असावधानी बड़े हादसे को अंजाम देती है. साथ ही उन्होंने शराब पीकर, मोबाइल पर बात करते हुए एवं कानों में हेड फोन लगाकर वाहन न चलाने की लोगों से अपील की.