कोलकाता: पुलिस द्वारा एक महिला से पूछताछ के लिए उसे शरीर पर विषैले पत्ते मलने के आरोप के मामले की निचली अदालत में सुनवाई पर कलकत्ता हाइकोर्ट ने स्थगनादेश लगा दिया है. कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश तापस मुखर्जी ने निचली अदालत में बुधवार से होने वाली सुनवाई पर स्थगनादेश लगा दिया है. उल्लेखनीय है कि […]
कोलकाता: पुलिस द्वारा एक महिला से पूछताछ के लिए उसे शरीर पर विषैले पत्ते मलने के आरोप के मामले की निचली अदालत में सुनवाई पर कलकत्ता हाइकोर्ट ने स्थगनादेश लगा दिया है. कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश तापस मुखर्जी ने निचली अदालत में बुधवार से होने वाली सुनवाई पर स्थगनादेश लगा दिया है. उल्लेखनीय है कि पीड़ित महिला ने हाइकोर्ट में मामले की सीबीअाइ जांच की मांग पर याचिका दायर की है. कलकत्ता हाइकोर्ट में इस मामले की सुनवाई पांच हफ्ते बाद होगी.
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जनवरी महीने में पीड़ित महिला ने पुलिस बर्बरता का आरोप लगाया था. आरोप है कि बर्दवान पुलिस ने एक अन्य मामले में महिला के रिश्तेदार का पता जानने के लिए उसे उसके मायके से अपने साथ लेकर गयी और उसके साथ मारपीट करने के अलावा उसके शरीर पर विषैला पत्ता (बिचूती पत्ता) मल दिया था.
बाद में महिला को जब अस्पताल में भरती कराया गया तो चार दिनों के बाद घटना के बारे में पता चल सका था. इस मामले की जांच सीआइडी कर रही थी. आरोपी पुलिसकर्मियों को शुरुआत में निलंबित किया गया था. हालांकि बाद में आरोपों को गलत बताते हुए निलंबन वापस ले लिया गया था. पीड़ित महिला ने मामले की सीबीअाइ से जांच कराने की मांग की है.