सिलीगुड़ी. रविवार की देर शाम को खुलेआम प्रेमलीला करना लैला-मजनुओं को महंगा पड़ गया. सिलीगुड़ी के 23 नंबर वार्ड के सूर्यनगर मैदान में शाम ढलते ही युवक-युवतियों का जमावड़ा लगने और खुलेआम अश्लील हरकतें करने को लेकर कर शाम को इलाके की महिलाओं ने रौद्ररूप धारन कर लिया और मुहल्ले की दुर्गा वाहिनी मैदान में […]
सिलीगुड़ी. रविवार की देर शाम को खुलेआम प्रेमलीला करना लैला-मजनुओं को महंगा पड़ गया. सिलीगुड़ी के 23 नंबर वार्ड के सूर्यनगर मैदान में शाम ढलते ही युवक-युवतियों का जमावड़ा लगने और खुलेआम अश्लील हरकतें करने को लेकर कर शाम को इलाके की महिलाओं ने रौद्ररूप धारन कर लिया और मुहल्ले की दुर्गा वाहिनी मैदान में प्रेमलीला में मग्न लैला-मजनुओं पर अचानक टूट पड़ी और जमकर लाठियां चटकायी.
आक्रोशित महिलाओं ने कानून को अपने हाथ में लेकर और युवक-युवतियों पर लाठी-डंडों की बारिश कर मैदान से खदेड़ा. कइ आमलोग भी गुस्सायीं महिलाओं का शिकार हो गये. अपनी बाइक से घर लौट रहे एक युवक को भी महिलाओं ने नहीं बख्शा. युवक की बात न सुनने पर वह अपनी बाइक सड़क पर ही छोड़कर भागने को मजबूर हुआ. महिलाओं ने उसकी बाइक को सड़क पर गिराकर तोड़-फोड़ की. महिलाओं के अचानक इस हमले में दर्जनों युवक-युवतियों के जख्मी होने की खबर है.
प्रेमलीला मना रहे लैला-मजनू लंगड़ाते-लंगड़ाते मैदान से भागे. सूचना पाकर सिलीगुड़ी थाने के इंस्पेक्टर अचिंत गुप्त दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया और कानून अपने हाथ में लेने के लिए महिलाओं को फटकार भी लगाया. दुर्गा वाहिनी की महिलाओं ने एलान करते हुए कहा कि कुछ भी हो जाये इलाके का परिवेश गंदा नहीं होने देंगे. आक्रोशित सपना चक्रवर्ती का कहना है कि दिन ढला नहीं कि मैदान में युवक-युवतियों का जमघट लग जाता है और खुलेआम प्रेमलीला करते हैं. जो देर रात तक चलता है. कभी-कभी ये लोग दिन में भी यहां आने से बाज नहीं आते. इनके अश्लील आचरण से हमारे बच्चों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है और परिवेश गंदा होता है. सपना ने कहा कि आज इन्हें सबक सिखाने के लिए हमें मजबूर होना पड़ा.
दुर्गा वाहिनी की एक महिला ने उठाया सवाल
दुर्गा वाहिनी की एक अन्य महिला गीता दास ने इस मुहिम पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेकर युवक-युवतियों को बुरी तरह पीटना उचित नहीं हुआ. कारण आज के हमले में राह चलते कई लोग पिट गये. वे लोग भाई-बहन भी हो सकते हैं. एक बाइक चालक को पीटा गया. उसके साथ कोई युवती भी नहीं थी. वह युवक कहीं से अकेला आ रहा था. वह मैदान में भी नहीं था. उसके बाइक को भी नहीं बख्शा गया. गीता ने कहा कि मैदान से युवक-युवतियों को हमेशा के लिए हटाने हेतु पहले वार्ड पार्षद या फिर पुलिस का सहयोग लेना उचित था़