सिलीगुड़ी में दिन भर रही पिकनिक मनाने वालों की धूम

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी तथा इसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार को नववर्ष के मौके पर दिन भर पिकनिक मनाने वालों की धूम रही. तमाम पिकनिक स्थल ऐसे लोगों से भरे हुए थे. सिलीगुड़ी के लोगों ने हालांकि नये साल के जश्न की शुरूआत बृहस्पतिवार से ही शुरू कर दी है. 31 दिसंबर को सिलीगुड़ी के तमाम […]

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी तथा इसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार को नववर्ष के मौके पर दिन भर पिकनिक मनाने वालों की धूम रही. तमाम पिकनिक स्थल ऐसे लोगों से भरे हुए थे. सिलीगुड़ी के लोगों ने हालांकि नये साल के जश्न की शुरूआत बृहस्पतिवार से ही शुरू कर दी है.

31 दिसंबर को सिलीगुड़ी के तमाम होटलों एवं रेस्टोरेंटों में नववर्ष के आने की खुशी में पार्टी मनाने वालों की भीड़ लगी हुई थी. कुछ होटलों एवं शॉपिंग मॉलों ने विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया था. रात के बारह बजते ही जमकर आतिशबाजी हुई. तेज आवाज वाले पटाखों पर रोक के बाद भी धूमधड़ाम वाले पटाखे देर रात तक बजते रहे. इस बीच, सिलीगुड़ी में आज मिलनमोड़ के निकट गुलमा, तीस्ता बैरेज, सुकना, फूलबाड़ी, गाजलडोबा, सेवक, दुधिया आदि पिकनिक स्थलों पर लोग सुबह से ही पहुंचने लगे. पिछले वर्ष तक पिकनिक मनाने वालों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केन्द्र सालुगाड़ा के निकट शोरया पार्क हुआ करता था.

इस वर्ष इस पार्क को बंद कर दिया गया है. शोरया पार्क को सफारी पार्क में तब्दील किया जा रहा है. पहले चरण का काम पूरा भी हो गया है. सफारी पार्क के निर्माण में कुल तीन सौ करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 21 जनवरी को शोरया सफारी पार्क के पहले चरण का उद्घाटन करेंगी. इसको लेकर सफारी पार्क में जोर-शोर से निर्माण कार्य चल रहा है और इसी वजह से सफारी पार्क को बंद कर दिया गया है. बहुत लोगों को इस बात की जानकारी नहीं थी. काफी संख्या में लोग अपनी-अपनी गाड़ियों में सवार होकर पिकनिक मनाने के लिए यहां पहुंचे. पार्क बंद होने की वजह से इन लोगों को निराशा हुई. बाद में यह सभी लोग सेवक बढ़ गये.

सेवक में तीस्ता नदी के किनारे इस वर्ष पिकनिक मनाने वालों की भीड़ काफी अधिक है. सेवक ऐसे शुरू से ही पिकनिक मनाने वालों के लिए पसंदीदा स्थल रहा है. इस वर्ष शोरया पार्क बंद होने की वजह से सेवक कुछ अधिक लोग जा रहे हैं. सेवक से थोड़ा आगे कालिझोड़ा में भी पिकनिक मनाने वालों की भीड़ लगी है. कमोवेश यही आलम दुधिया, गाजलडोबा, मिलनमोड़ आदि इलाके का है. सिलीगुड़ी में आम तौर पर फरवरी के अंत तक पिकनिक मनाने का चलन है. 25 दिसंबर को बड़े दिन से ही इसकी शुरूआत हो जाती है और फरवरी के अंत अथवा मार्च के पहले सप्ताह तक यह दौर जारी रहता है.

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