दिनबाजार हुआ जलकर खाक, चाय बागानों के लिए सबसे बुरा वर्ष
जलपाईगुड़ी : जलपाईगुड़ी जिले के लिए वर्ष 2015 घटनाओं एवं दुर्घटनाओं भरा रहा. पूरे वर्ष में जिले में जहां कई घटनाएं घटीं, वहीं चाय बागानों में मौत ने निरीह चाय श्रमिकों पर कहर बरपाया. पिछले वर्ष शुरू में तो सबकुछ ठीक-ठाक रहा, लेकिन समय बीतने के साथ ही घटनाओं में वृद्धि होती गई. 25 अप्रैल को पूरे उत्तर बंगाल के साथ-साथ भूकंप की वजह से जलपाईगुड़ी की धरती भी कांप उठी. आम लोगों में दहशत का माहौल कायम हो गया था.
इस भूकंप में दीवार गिरने से राजगंज ब्लॉक में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. 4 मई को अलीपुरद्वार के चेकाते में मिग-27 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इसमें पायलट केजे सिंह बाल-बाल बच गये थे. हालांकि वह बुरी तरह से घायल हो गये थे.
वर्ष 2015 को जलपाईगुड़ी के लोग दिनबाजार अग्निकांड के लिए भी याद रखेंगे. दिनबाजार में 131 दुकानें जलकर राख हो गई थी तथा 75 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था. सात घंटे के कड़ी मशक्कत के बाद दमकल के छह इंजनों की मदद से आग को काबू करने में सफलता मिली थी. 20 जून को कालचीनी के विधायक बिरसन चपड़ामारी ने अलीपुरद्वार के डीएम के साथ अभद्रता की थी. वर्ष 2015 को इसके लिए भी याद रखा जायेगा.
27 जून को सिलीगुड़ी के निकट बेलाकोवा रेंज के वनकर्मियों को करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य के सांप के विष पकड़ने में सफलता हासिल हुई थी. विष को क्रिस्टल के तीन जार में रखा गया था. जांच के बाद पता चला कि सांप विष रखने के लिए क्रिस्टल के जार को फ्रांस से मंगाया गया था.
4 जुलाई 2015 को जल्दापाड़ा नेशनल पार्क के चीलापाता रेंज के बनिया इलाके से एक गैंडे के शव को बरामद किया गया. तस्कर गैंडे की सींग काटकर ले गये थे. वर्ष 2015 को पत्रकार चयन सरकार के अचानक गायब हो जाने के लिए भी याद रखा जायेगा. चयन सरकार बगैर किसी को बताये घर से गायब हो गये थे. पत्रकार चयन सरकार के गायब होने की घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस के कई नेता निशाने पर थे. यहां तक कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हस्तक्षेप करना पड़ा था.
कई दिनों बाद चयन सरकार को पुलिस ने बरामद किया. जांच के बाद पता चला कि वह अपने पारिवारिक कारणों से घर छोड़कर गायब हो गये थे. 5 अगस्त को कश्मीर में आतंकवादी हमले के दौरान जलपाईगुड़ी जिले के डॉकीमारी के रहने वाले बीएसएफ जवान शुभेन्दू राय शहीद हो गये थे. 8 सितंबर को 5 रुपये वाले डॉक्टर साहब के नाम से परिचित जलपाईगुड़ी के पूर्व विधायक डॉ अनुपम सेन का निधन हो गया. वह 5 रुपये की फीस पर ही मरीजों की चिकित्सा करते थे. 88 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया.
17 अक्टूबर को कालचीनी के सताली मंडलपाड़ा से एसएसबी तथा वन विभाग ने करोड़ों रुपये की चंदन की लकड़ी जब्त की थी. 8 नवंबर को भी बैकुंठपुर के जंगल से एक गैंडे के शव को बरामद किया गया था.
उसके बाद 10 नवंबर को वन विभाग ने गैंडे के सींग के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया. तब बैकुंठपुर वन विभाग के बेलाकोवा रेंज के वनकर्मियों ने माल ब्लॉक में विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाकर गैंडे के सींग के साथ हाथी दांत भी बरामद किया था. तब अमल मंडल, पुनाई करकेटा, दीपक प्रसाद, अशोक तामांग एवं दीपराज दास नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हुई थी. जलपाईगुड़ी में एक वकील किशोरचंद की दिन-दहाड़े हत्या की वजह से भी वर्ष 2015 को भी जिले के लोग याद रखेंगे.
जमीन विवाद की वजह से 23 नवंबर को वकील किशोरचंद की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने उन्हीं के मुवक्किल ज्योतिष प्रमाणिक को गिरफ्तार किया है. 28 नवंबर को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी वायुसेना के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जलपाईगुड़ी जिले के हासीमारा आये हुए थे. यह भी वर्ष 2015 की एक महत्वपूर्ण घटना रही.
इन तमाम घटनाओं के अलावा जलपाईगुड़ी जिले में कई प्रकार की दुर्घटनाएं हुईं. इसके अलावा ट्रेन से कटकर हाथियों की मौत के लिए भी इस वर्ष को याद रखा जायेगा. वर्ष 2015 में पिछले छह महीनों के दौरान हर दिन ही कहीं न कहीं किसी चाय श्रमिक की मौत हुई. अब तक कुल 70 चाय श्रमिक मारे जा चुके हैं.
