15 दिन से लापता रिक्शा चालक का शव मिला

सिलीगुड़ी. माटीगाड़ा थाना अंतर्गत रामकृष्ण जोत इलाके में पंद्रह दिन से लापता एक रिक्शा चालक का शव उसके घर के निकट एक खाली जमीन में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी. शव का सिर कुचला हुआ था जिससे चेहरा देखकर पहचान पाना काफी मुश्किल था. माटिगाड़ा थाने की पुलिस ने शब को कब्जे में […]

सिलीगुड़ी. माटीगाड़ा थाना अंतर्गत रामकृष्ण जोत इलाके में पंद्रह दिन से लापता एक रिक्शा चालक का शव उसके घर के निकट एक खाली जमीन में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी. शव का सिर कुचला हुआ था जिससे चेहरा देखकर पहचान पाना काफी मुश्किल था. माटिगाड़ा थाने की पुलिस ने शब को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भेज दिया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

इलाके में काफी बदबू फैलने से रविवार की सुबह से ही रामकृष्ण जोत के देवुनिया मोड़ इलाके में लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ था. तभी एक कुत्ते को किसी चीज को खींचते देखकर लोग पास गये, तो एक व्यक्ति का शव मिला. खबर आग की तरह इलाके में फैलते ही काफी स्थानीय लोग घटनास्थल पर मौजूद हुए. बाद में माटिगाड़ा थाने को भी जानकारी दी गयी. शव का हाथ, पैर, एवं कपड़े देखकर स्थानीय निवासी संजय दास के परिजनों ने शव की पहचान संतोष दास (50) के रूप में की. संजय दास मृत संतोष दास का बड़ा बेटा है. घटना स्थल पर मृत संतोष दास को दोनों पुत्र, पुत्रवधू, बेटी व दामाद भी उपस्थित थे. पति का शव देखकर संतोष दास की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था.

शव को दखकर कर यह एक हत्या का मामला जान पड़ता है. क्योंकि शव का सिर एक बड़े पत्थर से कुचला गया था जिसकी वजह से चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था. घटनास्थल पर शव के सिर के पास सीमेंट से बना स्तंभ का एक बड़ा टुकड़ा भी मिला. शायद उसी से चेहरे को खराब किया गया हो. मृत संतोष दास की पत्नी, बेटी व बेटे को उसके मुंहबोले मामा शीशाबाड़ा निवासी शंभू पर हत्या करने का शक है.

मृत संतोष दास के बड़ा बेटा संजय दास ने बताया कि उसके पिता पेशे से रिक्शा चलाते थे एवं शराब पीकर घर में हंगामा भी मचाते थे. कई बार वह घर छोड़कर चले गये थे एवं फिर वापस भी आ गये थे. पिछले कुछ दिनों से शंभू बार बार काम करने के लिये रंफू जाने के लिये मृत संतोष दास को उसका रहा था. करीब 15 दिन पहले मृत संतोष ने शराब पीकर रंफू जाने की जिद पर पत्नी से रूपये की मांग की. रूपये ना मिलने पर परिवार में पहले की तरह काफी हंगामा किया एवं घर में रंफू जाने की बात कहकर निकल गया. इसके बाद दूसरे दिन से ही उसका मोबाईल बंद गया, फिर परिवार से उसका कोई संपर्क नहीं हुआ. कुछ दिन तक संतोष की कोई खबड़ ना मिलने के बाद मृत संतोष दास की पत्नी रंफू जाकर परिचितों से पूछताछ की लेकिन संतोष का कुछ पता नहीं चला. संतोष के बार बार घर से चले जाने की आदत की वजह से उसके लापता होने की प्राथमिकी परिवार ने पुलिस को भी नहीं दी . संतोष के लापता होने के बाद शंभू भी अपने घर से गायब है हांलाकि शंभू अधिकांश रंफू में ही रहता है एवं वहां भंगार का काम करता है. शंभू के परिवार से पूछने पर उनलोंगो ने मृत संतोष दास के परिवार को बताया कि शंभू व संतोष एक ही साथ रंफू में है. लेकिन आज सुबह संतोष का शव बरामद होने से परिवार गम में डुब गया.

सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के एसीपी (पश्चिम) मानवेंद्र सिंह ने बताया कि कोई भी किसी पर भी शक जाहिर कर सकता है. लेकिन पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. पूरे घटनाक्रम की जांच-पड़ताल की जायेगी. माटिगाड़ा थाना प्रभारी दीपांजन दास ने बताया कि पुलिस की ओर से अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज हो चुका है एवं मामले की जांच भी शुरू हो चुकी है. परिवार की ओर से मिलने वाले प्राथमिकी भी जांच की दिशा तय कर सकती है.

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