सरकारी जमीन पर तृणमूल श्रमिक संगठन का कब्जा

जलपाईगुड़ी. सरकारी जमीन पर तृणमूल श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी द्वारा कब्जा किये जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि आईएनटीटीयूसी के अधीन पश्चिम बंग राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन ने जमीन पर कब्जा कर लिया है और वहां अपना कार्यालय बनवा रहे हैं. जिस जमीन पर कार्यालय का निर्माण हो रहा है वह वन विभाग […]

जलपाईगुड़ी. सरकारी जमीन पर तृणमूल श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी द्वारा कब्जा किये जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि आईएनटीटीयूसी के अधीन पश्चिम बंग राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन ने जमीन पर कब्जा कर लिया है और वहां अपना कार्यालय बनवा रहे हैं. जिस जमीन पर कार्यालय का निर्माण हो रहा है वह वन विभाग के अधीन है. वन विभाग के अरण्य भवन के सामने ही कर्मचारी फेडरेशन के सदस्य अपना कार्यालय बनवा रहे हैं. इस कार्यालय के निर्माण में वन विभाग के तमाम नियम एवं कानूनों की भी अनदेखी की जा रही है. हालांकि संगठन ने नगर निगम तथा वन विभाग से अनुमति लेकर निर्माण कार्य शुरू करने दावा किया है.

यहां उल्लेखनीय है कि राज्य में नयी सरकार के आने से पहले वाम विरोधी कांग्रेस के स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाइज फेडरेशन नाम का संगठन था. जब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बनी, तो इस संगठन के सभी सदस्य तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये. तब तक सरकारी कर्मचारियों के लिए तृणमूल में कोई यूनियन बनकर तैयार नहीं हुआ था. तब ममता बनर्जी ने सरकारी कर्मचारियों के लिए राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन नाम का नया संगठन बना दिया और तीन लोगों को इसका कन्वेनर बना दिया. इधर, आईएनटीटीयूसी अनुमोदित वन उन्नयन निगम कर्मचारी समिति के अध्यक्ष कमल राय का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों ने स्थायी तथा अस्थायी दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं.

संगठन का अपना कोई कार्यालय नहीं है. बाध्य होकर ही इन लोगों ने अपना कार्यालय बनाने का निर्णय लिया है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि यह जमीन वन विभाग की नहीं है. जलपाईगुड़ी नगरपालिका के अधीन यह जमीन है. फिर भी दोनों विभागों की अनुमति से ही वह कार्यालय का निर्माण करवा रहे हैं. आईएनटीटीयूसी के जलपाईगुड़ी पीडब्ल्यूडी के युनिट के कन्वेनर गिरेन्द्रनाथ राय का कहना है कि उनका कार्यालय अरण्य भवन के सामने ही है. सरकारी कर्मचारी फेडरेशन ने उसी स्थान पर अपना कार्यालय बनाने का उनसे अनुरोध किया. उसके बाद सभी लोग मिलकर इस कार्यालय का निर्माण करवा रहे हैं.

क्या कहती हैं डीएफओ
इस मामले में गोरूमारा वन्य प्राणी विभाग की डीएफओ सुमिता घटक का कहना है कि कार्यालय का निर्माण अरण्य भवन के घेरे के बाहर हो रहा है. इसके लिए वन विभाग से अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है. दूसरी तरफ संगठन के सदस्य वन विभाग से अनुमति लेने का दावा कर रहे हैं.
नगरपालिका का भी इंकार
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस संचालित जलपाईगुड़ी नगरपालिका के चेयरमैन इन काउंसिल तथा जिला तृणमूल के महासचिव संदीप महतो कहना है कि 23 दिसंबर तक नगर निगम का कार्यालय खुला हुआ था. तब तक इस प्रकार के किसी भी कार्यालय को बनाने की अनुमति नगरपालिका ने नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि अगर कोई नगरपालिका की जमीन पर कब्जा कर गैर-कानूनी निर्माण करवा रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

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