नाराजगी: फॉरवर्ड ब्लॉक के उत्तरकन्या अभियान पर पुलिस ने लगाया ब्रेक, नौकाघाट में ही किया धरना-प्रदर्शन

सिलीगुड़ी: राज्य विधानसभा चुनाव से पहले फॉरवर्ड ब्लॉक अनुमोदित उत्तरबंग उन्नयन संग्राम समिति ने बुधवार को सिलीगुड़ी में शक्ति प्रदर्शन किया और विरोधियों को अपनी ताकत दिखायी. हांलाकि ममता सरकार की जनविरोधी नीति एवं अराजकता के विरूद्ध उनका उत्तरकन्या अभियान बीच रास्ते में ही टांय-टांय फिस हो गया. इस अभियान में उत्तर बंगाल के सातों […]

सिलीगुड़ी: राज्य विधानसभा चुनाव से पहले फॉरवर्ड ब्लॉक अनुमोदित उत्तरबंग उन्नयन संग्राम समिति ने बुधवार को सिलीगुड़ी में शक्ति प्रदर्शन किया और विरोधियों को अपनी ताकत दिखायी. हांलाकि ममता सरकार की जनविरोधी नीति एवं अराजकता के विरूद्ध उनका उत्तरकन्या अभियान बीच रास्ते में ही टांय-टांय फिस हो गया.

इस अभियान में उत्तर बंगाल के सातों जिलों से आये पांच हजार से भी अधिक वामपंथियों के बावजूद सिलीगुड़ी मेट्रॉपोलिटन पुलिस ने नौकाघाट में ही अभियान को ब्रेक लगा दिया. गुस्साए वामपंथियों ने नौकाघाट में ही धरना-प्रदर्शन किया. इससे पहले पूर्व खाद्य मंत्री परेश चंद्र अधिकारी की अगुवायी में शहर के जलपाईमोड़ से दोपहर के एक बजे फूलबाड़ी स्थित मिनी सचिवालय उत्तरकन्या के लिए सभी ने कूच किया.


विशाल जुलूस 1.35 बजे जैसे ही नौकाघाट पहुंची, पहले से मुश्तैद भारी पुलिस बल ने शांतिपूर्वक अभियान को रोक दिया. गुस्साए वामपंथियों ने नौकाघाट मैदान में धरना प्रदर्शन किया. बाद में पुलिस ने केवल आठ-दस वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधि दल को ही उत्तरकन्या जाकर मौजूद अधिकारी के मार्फत ममता को ज्ञापन भेजने की अनुमति दी.

संग्राम समिति के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री परेश चंद्र अधिकारी, सचिव गोविंद राय, विधायक अलि इमरान उर्फ विक्टर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि दल दोपहर दो बजे उत्तरकन्या में सचिव के मार्फत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पांच सूत्री मांगों का एक ज्ञापन भेजा. ज्ञापन सौंपने के बाद कॉमरेड नेताओं ने ममता को चेताया और धमकी भरे लफ्जों में कहा कि अबकी बार उनकी मांगें नहीं मानी गयी तो पूरे उत्तर बंगाल में उग्र आंदोलन होगा. श्री अधिकारी ने कहा कि हमारी बहुत पुरानी मांग उत्तरबंग उन्नयन पर्षद को संवैधानिक स्वीकृति देने की है. कलकत्ता हाइकोर्ट की प्रस्तावित सर्किट बेंच जलपाईगुड़ी में जल्द शुरू करना होगा. उत्तर बंगाल के चाय उद्योग को लगा ग्रहण और चाय श्रमिकों की दुर्दशा को राज्य व केंद्र दोनों सरकारों को मिलकर दूर करना होगा. एम्स के तर्ज पर ही एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल उत्तर बंगाल में भी खोलना होगा है़ इसके अलावा उत्तर बंगाल से होकर बहने वाली छोटी-बड़ी 30 नदियों के संस्कार करने और तटबंध कर कृषि जमीन की रक्षा करने की मांग शामिल है. श्री अधिकारी ने कहा कि अगर इसबार सरकार के कान में जूं नहीं रेंगी और सभी मांगों पर ध्यान केंद्रित नहीं किया गया तो पूरे उत्तर बंगाल में उग्र प्रदर्शन किया जायेगा. खाकी वर्दी और उनके डंडे-लाठी भी वामपंथियों को महत्त्वपूर्ण सरकारी दफ्तरों पर चढ़ाई करने से नहीं रोक पायेंगे. पूरे उत्तर बंगाल को अचल कर दिया जायेगा.
हाइवे पुलिस छावनी में तब्दील
उत्तरकन्या अभियान को रोकने के लिए सिलीगुड़ी मेट्रॉपोलिटन पुलिस ने जलपाईमोड़ से उत्तरकन्या तक राष्ट्रीय राजमार्ग (हाइवे) को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था. करीब साढ़े छह किमी लंबे हाइवे के चप्पे-चप्पे पर सुबह से ही पुलिस के जवानों को मुश्तैद कर दिया गया था. उत्तरकन्या से दो किमी पहले ही नौकाघाट में अभियान को ब्रेक लगाने के लिए पुलिस ने कुल सात सुरक्षा घेरा बनाया था. पहले घेरे की कमान पुलिस की खुफिया विंग के इंस्पेक्टर विनोद गजमेर के हाथों में थी वहीं दूसरे घेरे की कमान डीसीपी (ट्रैफिक) श्याम सिंह, एसीपी (वेस्ट) मानवेंद्र सिंह, एसीपी (ईस्ट) पिनाकी मजूमदार, भक्तिनगर थाना के इंस्पेक्टर राजेन छेत्री, सिलीगुड़ी थाना के इंस्पेक्टर अचिंत गुप्त व अन्य अधिकारियों के हाथों में थी. वहीं सबसे अंतिम घेरे पर कॉम्बेक्ट फॉर्स को मुश्तैद किया गया था.
हाइवे पर वाहनों का रूट परिवर्तन, परेशानी
उत्तर कन्या अभियान के तहत सिलीगुड़ी मेट्रॉपोलिटन पुलिस ने दिन के 12.30 बजे से ही हाइवे पर वाहनों का रूट परिवर्तन करना शुरू कर दिया था. फॉरवर्ड ब्लॉक के इस अभियान में पांच हजार से भी अधिक समर्थकों के शामिल होने से हाइवे पर लंबा जाम लग गया. इस वजह से शाम चार बजे तक हर कोई परेशान रहा. खासकर सिलीगुड़ी से जलपाईगुड़ी, कूचबिहार व असम की ओर जानेवाले यात्रियों, बस, ट्रकों के चालकों, हवाई यात्रियों, उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज जानेवाले मरिज घंटों परेशान रहे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >