मालदा: कालियाचक-1 ब्लॉक के सिलमपुर ग्रामीण अस्पताल के ग्रुप डी के कर्मचारी पर सरकारी दवा की बिक्री का आरोप लगा है. उसके बाद कालियाचक के बीएमओएच ओबेदौला चिश्ती ने उस कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. दूसरी तरफ ग्रुप डी के कर्मचारी द्विजेन चन्द्र मंडल ने फंसाने का आरोप लगाया है. इसको लेकर उसने भी अलग से बीएमओएच के पास एक शिकायत दर्ज करायी है.
मंगलवार को इस बात की जानकारी सार्वजनिक होते ही स्थानीय लोगों को गुस्से का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में रोगियों को दवा नहीं दी जाती. दूसरी तरफ अस्पताल के ही कर्मचारी खुले बाजार में दवा की बिक्री कर रहे हैं. इन लोगों ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
इस बीच, अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिलमपुर ग्रामीण अस्पताल का वह कर्मचारी 7 दिसंबर को अपनी मोटरसाइकिल की डिक्की में दवा भरकर कहीं जा रहा था. उसी समय ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया. उसके बाद उससे पूछताछ की गई. वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका. बाद में इस बात की जानकारी कालियाचक-1 ब्लॉक के बीएमओएच को दी गई. उसके बाद ही इस मामले की जांश शुरू कर दी गई है. जिला युवा कांग्रेस के महासचिव मजीदुर रहमान ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान सिलमपुर ग्रामीण अस्पताल से लाखों रुपये की दवा बेची गई है. रोगी एक ओर जहां सरकारी दवा के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लाखों रुपये की हेराफेरी हो रही है.
