अचानक बंद हुआ साइली चाय बागान

जलपाईगुड़ी: मालिक व श्रमिकों के बीच व्याप्त असंतोष की वजह से जलपाईगुड़ी जिला अंतर्गत माल ब्लॉक का साइली चाय बागान बंद हो गया. रविवार की रात अंधेरे में ही बागान प्रबंधन के लोग बंदी का नोटिस लगा कर फरार हो गये. सोमवार की सुबह कार्यालय के बाहर बागान के बंद होने संबंधित सस्पेंशन ऑफ वर्क […]

जलपाईगुड़ी: मालिक व श्रमिकों के बीच व्याप्त असंतोष की वजह से जलपाईगुड़ी जिला अंतर्गत माल ब्लॉक का साइली चाय बागान बंद हो गया. रविवार की रात अंधेरे में ही बागान प्रबंधन के लोग बंदी का नोटिस लगा कर फरार हो गये. सोमवार की सुबह कार्यालय के बाहर बागान के बंद होने संबंधित सस्पेंशन ऑफ वर्क का नोटिस देखकर बागान श्रमिकों के पैरों तले जमीन खिसक गयी. साइली चाय बागान के बंद हो जाने से स्थायी व अस्थायी कुल मिलाकर दो हजार श्रमिक बेरोजगार हो गये.

साइली चाय बागान के श्रमिकों से मिली जानकारी के अनुसार, गत सप्ताह बागान प्रबंधन की ओर से श्रमिकों को एक नोटिस देकर बागान बंद करने की अग्रिम सूचना दे दी गयी थी़ तब श्रमिक कुछ समझ नहीं पाये थे. उस नोटिस में बागान प्रबंधन ने श्रमिकों को कुल आठ प्रकार के निर्देश दिये थे, जिसमें कहा गया था कि सुबह पांच बजे से दोपहर के साढ़े तीन बजे के बदले श्रमिकों को सुबह के सात बजे से शाम के चार बजे तक कार्य करना होगा.

नोटिस में कुल आठ घंटे काम करने की हिदायत दी गयी थी. कांग्रेस के श्रमिक संगठन एनयूपीडबल्यू नेता अनूप प्रधान ने बताया कि नोटिस में बकाया पांच प्रतिशत पूजा बोनस जो 25 दिसंबर तक देने की बात थी, उसे अगले वर्ष के मई महीने तक देने की बात कही गयी. वेतन तथा वेतन वृद्धि का जो एरियर इस वर्ष देने की बात थी उसे अगले वर्ष जून महीने तक देने का एलान किया गया था. चाय श्रमिक संगठनों के द्वारा पूजा बोनस को लेकर अगले वर्ष पूजा के पहले मालिक पक्ष से बैठक होनी थी़ नोटिस में मालिक पक्ष ने पूजा बोनस के रूप में 8.33 प्रतिशत से अधिक नहीं देने का ऐलान किया है. मालिक पक्ष के इस तुगलकी फरमान में कहा गया है कि पहले की तरह अपने स्थान पर अपने परिजनो को नौकरी पर रखना,अब नहीं चलेगा़ ऐसे निर्देश नहीं मानने पर समय पर राशन व वेतन नहीं देने की धमकी भी दी गयी थी़.

इस चाय बागान की श्रमिक सोनिया कुजूर ने बताया कि बागान प्रबंधन द्वारा जारी किये गये इस फरमान के विरोध में गत शनिवार 19 दिसंबर को बागान प्रबंधक का घेराव किया गया. इस निर्देशों पर पुनर्विचार करने के आश्वासन के बाद बागान मैनेजर को छोड़ा गया. इसके बाद रविवार देर रात को बागान बंद करने का नोटिस लगा कर प्रबंधन के लोग चले गये.
माल महकमा शासक ज्योर्तिमय तांती ने बताया कि बागान बंद होने का नोटिस उन्हें भी मिला है, अतिशीघ्र ही इस विषय पर श्रम विभाग के साथ बैठक की जायेगी.

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