मयनागुड़ी थाना प्रभारी सुकुमार मिश्र ने बताया कि इस विषय की जानकारी उन्हें नहीं मिली है. मिडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बताया कि इस मामले का कोई भी आरोप अभी तक मयनागुड़ी थाने में जमा नहीं हुआ है़ मौत जलपाईगुड़ी सदर अस्पताल में हुयी है, इसलिय इस मामले को जलपाईगुड़ी कोतवाली थाना पुलिस ही देखेगी. इधर मीडिया से घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक आकाश मेघारिया ने मयनागुड़ी थाने को मामला देखने व शव को जलपाईगुड़ी अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया. श्री मेघारिया ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा.
मरने वाले दोनो मयनागुड़ी खागड़ाबाड़ी के खुकशिया उद्यान इलाके के निवासी थे. मृतकों का नाम बेनू मंडल(42) एवं उसकी मां शुकतारा मंडल(63) है. दूसरी ओर खागराबाड़ी ग्राम पंचायत सदस्य मंजू अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी ग्राम पंचायत को दी गयी है़ परिवार की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज ना कराने की वजह से पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी गयी है. इधर जलपाईगुड़ी एपिडेमिक सेल से फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर राजेन राई सहित चार लोगों टीम भोजन की जांच के लिए पहुंची़ यह लोग घर में बने भोजन का नमूना संग्रह कर जांच के लिये ले गये. जलपाईगुड़ी अस्पताल में वर्तमान में मृत बेनू मंडल की पत्नी किरन मंडल(35), बेटी रूपाली मंडल(12), बेनू का ममेरा भाई गौतम सरकार(26) व उसकी भांजी जया सरकार(16) चिकित्साधीन हैं. बेनू अपने मामा घर घूमने के लिये आया था. प्राथमिक जांच के अनुसार चावल व कलाई का दाल खाने से ही फूड प्वाइजनिंग हुयी है. बेनू का भतीजा इश्वर मंडल ने बताया कि चावल व कलाई का दाल खाने के बाद ही सभी अस्वस्थ होने लगे.
जलपाईगुड़ी जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रकाश मृधा ने बताया कि पीड़ित परिवार के चारों लोंगो की स्थिति में सुधार है. उन्होंने कहा कि पुलिस चाहती है इसलिये पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, लेकिन मेडिकल ऑफिसर के अनुसार पोस्टमार्टम की जरूरत नहीं थी़ इसलिये उन्होंने पोस्टमार्टम के लिए नहीं लिखा.
