धमकी: अब बस्तीवासियों ने ममता सरकार के विरुद्ध खोला मोरचा, दो पट्टा, नहीं तो आंदोलन
सिलीगुड़ी: ज्यों-ज्यों विधानसभा चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं त्यों-त्यों ममता सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. हर विरोधी दलों ने किसी-न-किसी मुद्दे पर सरकार को घेरने की कवायद शुरू कर दी है और कई विरोधी मुद्दों के फिराक में है. इसी कवायद में अब सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र के बस्तीवासियों ने ममता […]
सिलीगुड़ी: ज्यों-ज्यों विधानसभा चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं त्यों-त्यों ममता सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. हर विरोधी दलों ने किसी-न-किसी मुद्दे पर सरकार को घेरने की कवायद शुरू कर दी है और कई विरोधी मुद्दों के फिराक में है. इसी कवायद में अब सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र के बस्तीवासियों ने ममता सरकार के विरूद्ध मोरचा खोल दिया है.
गुरूवार को सिलीगुड़ी में रैली निकालकर एवं निगम में धरना देकर प्रदर्शनकारियों ने ममता सरकार को सीधे धमकी दी और कहा कि ‘दो पट्टा, नहीं तो होगा आंदोलन’. प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपकर मेयर के मार्फत सरकार को चेताया. साथ ही रेलवे की जमीन से गरीब लोगों को जबरन खदेड़ने का भी विरोध जताया. माकपा की बस्ती उन्नयन कमेटी के बैनर तले एवं दार्जिलिंग जिलाध्यक्ष व निगम के चेयरपर्सन दिलीप सिंह एवं मेयर परिषद सदस्य मुंशी नुरूल इस्लाम के अगुवायी में तीन सौ से भी अधिक बस्तीवासियों ने स्थानीय बाघाजतीन पार्क से शहर में विशाल रैली निकाली.
रैली निगम के प्रशासनिक भवन के सामने पहुंचकर धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गया. दिलीप सिंह ने प्रर्दशनकारियों को संबोधित करते हुए पट्टा के मुद्दे पर तणमूल सरकार की तीखी भर्त्सना की. ममता पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बस्तीवासियों को पट्टा देने से क्यों हिचकिचा रही है यह समझ से परे है. पट्टा को लेकर जो समझौता हुआ है उसके तहत सरकार को बस्तीवासियों को पट्टा देना ही पड़ेगा.
यह उनका मौलिक अधिकार है. श्री सिंह ने कहा कि बस्तीवासियों की आर्थिक स्थिति भी काफी खस्ता है. उन्हें न तो सामाजिक सुरक्षा मिल रही है और न ही समस्त सरकारी सुविधाएं. श्री सिंह ने गरीब लोगों को रेलवे की जमीन से जबरन हटाने का भी विरोध किया. उन्होंने कहा कि वर्षों से रेलवे की जमीन पर रह रहे गरीबों को बगैर अग्रिम नोटिस के ही खदेड़ा जा रहा है. यह उचित नहीं है. श्री सिंह ने कहा कि गरीबों को हटाने से पहले रेलवे को पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बस्तीवासियों को उनका हक व अधिकार वाम मोरचा दिलाकर रहेगा और हमेशा उनके लिए लड़ाई लड़ती रहेगी.