चिटफंड घोटाला: निवेशकों और एजेंटों ने किया बड़े आंदोलन का एलान, घेरेंगे सीबीआइ कार्यालय
जलपाईगुड़ी: लाखों निवेशकों व एजेंटों को चूना लगानेवाली चिटफंड कंपनियों के खिलाफ निवेशकों व एजेंटों ने बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है. चिटफंड सफरर्स एंड एजेंट यूनिटी फोरम की ओर से आंदोलन की तैयारी की गयी है. इसके तहत 18 जनवरी को सिलीगुड़ी में सीबीआइ कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया गया है. […]
जलपाईगुड़ी: लाखों निवेशकों व एजेंटों को चूना लगानेवाली चिटफंड कंपनियों के खिलाफ निवेशकों व एजेंटों ने बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है. चिटफंड सफरर्स एंड एजेंट यूनिटी फोरम की ओर से आंदोलन की तैयारी की गयी है. इसके तहत 18 जनवरी को सिलीगुड़ी में सीबीआइ कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया गया है. इससे पहले नौ जनवरी को जलपाईगुड़ी समाजपाड़ा के आइएम मैदान में एक जनसभा भी होगी. इस जनसभा में वकील विकास रंजन भट्टाचार्य भी उपस्थित रहेंगे. यह जानकारी संगठन की जलपाईगुड़ी शाखा के कन्वेनर अरिंदम चक्रवर्ती ने दी. वह यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल में सक्रिय 103 चिटफंड कंपिनयों ने लाखों लोगों को चूना लगाया है. तीन लाख से भी अधिक निवेशक व एजेंट इन चिटफंड कंपनियों की प्रताड़ना के शिकार हुए हैं. संगठन ने उत्तर बंगाल के विभिन्न थानों में नौ जनवरी को ही चिटफंड कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है.
श्री चक्रवर्ती ने कहा कि चिटफंड कंपनियों के प्रताड़ित सभी निवेशक अपने-अपने इलाके के थाने में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायेंगे. श्री चक्रवर्ती ने आरोप लगाते हुए कहा कि चिटफंड कंपनियों ने निवेशकों को चूना लगाकर करोड़ों की संपत्ति बनायी है. राज्य से बाहर भी संपत्ति बनायी गयी हैं. करोड़ों रुपयों को अन्य राज्यों में स्थानांतरित कर दिया गया. लेकिन निवेशकों के पैसे नहीं लौटाये जा रहे हैं. उन्होंने सीबीआइ पर भी जांच में कोताही बरतने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि सीबीआइ को तत्काल जांच कर चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और निवेशकों के पैसे वापस दिये जाने चाहिए. इसी मांग को लेकर सिलीगुड़ी स्थित सीबीआइ कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया गया है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सिर्फ जलपाईगुड़ी जिले में ही 103 चिटफंड कंपनियों ने तीन लाख से भी अधिक निवेशकों को अपना शिकार बनाया. इसके अलावा कूचबिहार जिले में भी चिटफंड कंपनियों का मकड़जाल फैला हुआ था. उनके पास जो जानकारी है, उसके अनुसार अकेले रॉयल नामक एक चिटफंड कंपनी ने तीन सौ 79 करोड़ रुपये की उगाही की.