उपद्रव: मालदा में एनएच 34 पर तृणमूल के दो गुटों में संघर्ष, आठवीं के छात्र को मारी गोली

मालदा: तृणमूल कांग्रेस से जुड़े दो गुटों में कालियाचक थाने के जदुपुर इलाके में भीषण संघर्ष हुआ. इसमें आठवीं के एक छात्र आजिज शेख (14) को गोली मार दी गयी. रविवार की सुबह नौ बजे मालदा शहर से 16 किलोमीटर दूर जदुपुर एवं भागलपुर इलाके में यह घटना घटी. एनएच 34 पर सुबह से ही […]

मालदा: तृणमूल कांग्रेस से जुड़े दो गुटों में कालियाचक थाने के जदुपुर इलाके में भीषण संघर्ष हुआ. इसमें आठवीं के एक छात्र आजिज शेख (14) को गोली मार दी गयी. रविवार की सुबह नौ बजे मालदा शहर से 16 किलोमीटर दूर जदुपुर एवं भागलपुर इलाके में यह घटना घटी. एनएच 34 पर सुबह से ही दो गुटों के बीच गोली-बम चलने के कारण, इस मार्ग पर सभी गाड़ियों का परिचालन कई बार बाधित हुआ. आरोप है कि यह सबकुछ पुलिस की आंखों के सामने हुआ.

इसके बावजूद इस मामले में अभी तक पुलिस एक भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर पायी है. गोली लगने से जख्मी छात्र आजिज शेख को मालदा मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया है. गोली उसके पेट के बीच में लगी है. ऑपरेशन करके गोली उसके शरीर से निकाल दी गयी है. मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक रतन साहा ने छात्र की स्थिति को अभी खतरे से बाहर नहीं बताया है. पुलिस ने बताया कि एनएच 34 से लगे जदुपुर और भागलपुर में, दो समाजविरोधी गुट सुबह से ही बम और बंदूक लेकर इलाका दखल करने निकले हुए थे. गोली और बमों की बारिश जैसी हो रही थी. घटना के समय बकुल शेख का पुत्र जलालपुर में ट्यूशन पढ़ने गया हुआ था. ट्यूशन पढ़कर घर लौटते समय जाकिर शेख और कुरबान शेख के दलबल ने उसे पकड़ लिया और गोली मार दी. गोली लगने के बाद वह धराशायी हो गया. बाद में खबर पाकर कालियाचक थाने के पुलिस तुरंत पहुंची. उसकी सहायता के लिए पुलिस ने उसे एक बाराती गाड़ी में में मालदा मेडिकल कॉलेज भेजने की व्यवस्था की.

इस पूरी घटना में तृणमूल के दो गुटों का नाम सामने आया है. एक गुट जदुपुर ग्राम पंचायत की तृणमूल पार्टी के पूर्व अध्यक्ष बकुल शेख का है और दूसरा गुट इसी ग्राम पंचायत के तृणमूल सदस्य जाकिर शेख का है. इलाके पर कब्जे को लेकर इन दोनों गुटों के बीच लंबे समय से लड़ाई है. बताया जाता है कि पहले पूरे इलाके में बकुल शेख के दलबल का वर्चस्व था. दो महीने पहले बकुल शेख के पार्टी से बहिष्कार कर दिये जाने के बाद स्थानीय तृणमूल नेता जाकिर शेख और कुरबान शेख सक्रिय हुए थे.

घायल छात्र के चाचा जियाउल हक ने बताया कि कई दिनों से जाकिर शेख, कुरबान शेख और उनका दलबल भाई बकुल शेख को मारने के लिए बड़ी तैयारी कर रहा था. रविवार की सुबह जदुपुर स्टैंड के पास उन लोगों का दल अचानक ही बम, गोली लेकर उतर पड़ा. लेकिन बकुल शेख उस समय घर पर नहीं था. उसका बेटा ट्यूशन पड़कर लौट रहा था. उन लोगों ने बकुल के बेटे का पकड़ लिया. वे बोल रहे थे कि यह बकुल का बेटा है, इसे मार डालो. इसके बाद उन लोगों ने उसे गोली मार दी. दबंगई दिखाते हुए पूरे इलाके में जाकिर शेख और कुरबान शेख का दलबल घूम रहा है. जियाउल हक ने पुलिस के पास जाकिर शेख, कुरबान शेख और इब्राहिम शेख के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.

इधर जैसे ही बकुल शेख के बेटे को गोली मारे जाने की खबर फैली, पूरा इलाका गरमा उठा. गोली और बम चलने का सिलसिला दोपहर एक बजे तक चलता रहा. इससे उस इलाके में एनएच 34 काफी देर तक अवरुद्ध रहा. गाड़यों की लंबी कतार लग गयी. इस घटना से क्षुब्ध तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोयाज्जेम हुसैन ने कहा कि रविवार सुबह की यह घटना बहुत दुखदायी है. एक लड़के को बदमाशों ने गोली मार दी. जिन लोगों ने यह काम किया है, उन्हें तुरंत गिरफ्तार करना होगा. घटना के पीछे किसी तरह की कोई राजनीति नहीं है और तृणमूल के लोगों का इससे कोई लेना-देना नहीं है. पुलिस अधीक्षक प्रसून बनर्जी ने बताया कि जदुपुर इलाके में हालात अब नियंत्रण में है. वहां पुलिस पिकेट बैठा दी गयी है. मामले के अभियुक्त इलाका छोड़कर भाग गये हैं. उनकी तलाश की जा रही है.

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