दार्जिलिंग : विश्वप्रसिद्ध दार्जिलिंग ट्वाय ट्रेन बुधवार से फिर से दार्जिलिंग पहाड़ से समतल सिलीगुड़ी और एनजेपी के लिए चल पड़ी. भूस्खलन के कारण ट्वाय ट्रेन की पटरी क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसके कारण यह केवल कुछ रेलवे स्टेशनों तक ही सीमित थी. लेकिन अब पहाड़ से समतल तक का सफर फिर से ट्वाय ट्रेन के जरिये किया जा सकता है.
बुधवार सुबह दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन से रेलवे विभाग के महाप्रबंधक मोहम्मद जमशेद व अन्य अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर पहाड़ से समतल के लिए इस ट्रेन को रवाना किया. इस मौके पर दार्जिलिंग रेलवे के बुजुर्ग रेलवे कर्मचारी पूर्ण बहादुर लेप्चा, पीआरओ प्रणय ज्योति शर्मा, डीआरएम उमा शंखर सहित अन्य अधिकारियों की विशेष उपस्थिति रही.
ट्रेन को रवाना करने के बाद पत्रकारों से महाप्रबंधक मोहम्मद जमशेद ने बताया कि भूस्खलन के कारण ट्वाय ट्रेन की पटरी क्षतिग्रस्त हो गयी थी. इस कारण यह ट्रेन दार्जिलिंग से समतल में स्थित सिलीगुड़ी और न्यू जलपाईगुड़ी तक नहीं जा पा रही थी. लेकिन हमारे कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के कारण पटरी ठीक हुई है और अब पहाड़ से समतल तक का रेल सफर शुरू हुआ है. इसके लिए मैं कर्मचारियों का आभार प्रकट करता हूं.
उन्होंने यह भी बताया कि अब रोज एक ट्रेन पहाड़ से और एक ट्रेन एनजेपी से चलेगी. ट्वाय ट्रेन में तीन बोगियां होंगी. दार्जिलिंग के पर्यटनस्थल होने के कारण यहां देश-विदेश से लोग आते हैं, जो ट्वाय ट्रेन से सफर करके यहां की खूबसूरत वादियों को देखना चाहते हैं.
ट्वाय ट्रेन के सफर के दौरान पहाड़ के हरे-भरे जंगल, छोटी-छोटी नदियों की धारायें दिखेंगी. इस सफर में लोग विश्व के सबसे ऊंचे घूम रेलवे स्टेशन और बतासिया लूपहोते हुए पहाड़ की रानी दार्जिलिंग पहुंचेंगे. पर्यटकों के लिए ट्वाय ट्रेन का यह सफर यादगार रहेगी.
गौरतलब है िक 2010 में भयानक भूस्खलन के कारण रेलवे लाइन ठप हुई थी और 2015 के जून महीने में दोबारा शुरू हुई थी. परंतु फिर भूस्खलन हो जाने के कारण पहाड़ और समतल के बीच ट्वाय ट्रेन का सफर बंद था.
