दार्जिलिंग : गोरामुमो के अध्यक्ष मन घीसिंग ने कहा है कि सरकार को छठी अनुसूची के समझौते का पालन करना होगा. यही दार्जिलिंग की जनता और देश के हित में है. यहां डॉ जाकिर हुसेन रोड स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर, 2005 को राज्य सरकार, केंद्र सरकार और गोरामुमो के बीच छठी अनुसूची की व्यवस्था लागू किये जाने को लेकर त्रिपक्षीय समझौता हुआ था.
लेकिन सरकार ने आज तक इस समझौते का पालन नहीं किया. सरकार के पास इस भूल को सुधारने के लिए अब यह आखिरी मौका है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं करने पर अगर दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी.
उन्होंने कहा कि गोरामुमो की मुख्य मांग गोरखालैंड ही है, लेकिन अभी सरकार गोरखालैंड के गठन के पक्ष में नहीं है इसलिए मोरचा छठी अनुसूची की मांग कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर मोरचा पहले से आंदोलन कर रहा है और आगामी दशहरा के बाद दार्जिलिंग ब्रांच कमेटी शहर में रैली, जनसभा आदि करेगी.
कालिम्पोंग ब्रांच कमेटी और पहाड़ की अन्य सभी ब्रांच कमेटियां भी इसी किस्म के कार्यक्रम करेंगी. इसके बाद गोरामुमो केंद्रीय कमेटी दार्जिलिंग शहर में रैली और जनसभा का आयोजन करेगी. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी भी राजनीतिक दल के साथ संघर्ष करना नहीं है. हमारा मकसद सिर्फ छठी अनुसूची लागू कराना है.
