हटाये गये भाजपा के जिला अध्यक्ष

सिलीगुड़ी : आखिरकार भाजपा के जिला अध्यक्ष रथिन्द्र नाथ बोस की छुट्टी हो गई. सिलीगुड़ी में संपन्न लगातार दो चुनावों में भाजपा की हार के बाद वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निशाने पर थे. आखिरकार उनको अपने पद से हटा दिया गया. भाजपा के जिला नेताओं को इस बात की कानो-कान खबर नहीं थी. […]

सिलीगुड़ी : आखिरकार भाजपा के जिला अध्यक्ष रथिन्द्र नाथ बोस की छुट्टी हो गई. सिलीगुड़ी में संपन्न लगातार दो चुनावों में भाजपा की हार के बाद वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निशाने पर थे. आखिरकार उनको अपने पद से हटा दिया गया. भाजपा के जिला नेताओं को इस बात की कानो-कान खबर नहीं थी.
कोलकाता में प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने रथिन्द्र बोस को दार्जिलिंग जिला भाजपा अध्यक्ष पद से हटाने की घोषणा की. इसके साथ ही नये जिला अध्यक्ष की नियुक्ति भी कर दी गई है. अरुण प्रसाद सरकार भाजपा के नये जिला अध्यक्ष बनाये गये हैं. श्री सरकार सिलीगुड़ी कोर्ट में अधिवक्ता हैं और इससे पहले भी वह भाजपा के जिला अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं.
यहां उल्लेखनीय है कि रथिन्द्र नाथ बोस पिछले काफी महीनों से विवाद में चल रहे थे. सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में टिकट बेचने का आरोप भी उन पर लगा था. स्थिति यह हो गई थी कि भाजपा के कई बागी नेताओं ने टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए उनको उनके ही घर में बंधक तक बना लिया था.
सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में मोदी लहर के बावजूद भाजपा की करारी हार हो गई. भाजपा मात्र दो सीटें जीतने में सफल रही. उसके बाद सिलीगुड़ी महकमा परिषद के चुनाव में भी पार्टी ने उनके नेतृत्व में कोई खास सफलता हासिल नहीं की. सिलीगुड़ी महकमा परिषद के नौ सीटों में से एक भी सीट पर पार्टी ने जीत दर्ज नहीं की.
पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायतों में भी पार्टी की करारी हार हुई. भाजपा जहां पंचायत समिति की 66 सीटों में से मात्र एक सीट जीत सकी, वहीं ग्राम पंचायतों के 462 सीटों में से 22 पर ही सफलता हासिल हुई. उसके बाद से उन पर गाज गिरना तय माना जा रहा था. ऐसे पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि दार्जिलिंग से भाजपा सांसद एसएस अहलुवालिया के साथ अनबन की वजह से उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है.
सूत्रों ने आगे बताया कि सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव के समय से ही दोनों नेताओं के बीच दूरी काफी बढ़ गई थी.उसके बाद से ही एसएस अहलुवालिया उनको हटाने के लिए सक्रिय हो गये थे. आखिरकार श्री बोस को उनके पद से हटा दिया गया है. इस मुद्दे पर रथिन्द्र बोस का कहना है कि पार्टी ने जो भी निर्णय लिया है, वह उन्हें मान्य है. हटाये जाने के बाद अपने फेसबुक पोस्ट में श्री बोस ने नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अरुण प्रसाद सरकार को बधाई दी है.
श्री बोस का कहना है कि वह करीब एक वर्षों तक जिला अध्यक्ष के पद पर रहे और इस दौरान उन्होंने पार्टी के बेहतरी के लिए सभी कार्य किए. पार्टी ने जो भी निर्णय लिया है, उनसे उन्हें किसी प्रकार की कोई नाराजगी नहीं है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि वह पार्टी के अंदर बने रहेंगे और आने वाले दिनों में भी भाजपा की भलाई के लिए काम करते रहेंगे. इस बीच, रथिन्द्र बोस के अचानक हटाये जाने के निर्णय के बाद पार्टी में अंदरूनी कलह तेज हो गई है. पार्टी मेें एक धड़ा ऐसा भी है जो श्री बोस को जिला अध्यक्ष पद से हटाये जाने का विरोध कर रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >