सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी महकमा परिषद के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वाम मोरचा से मिली शिकस्त के बावजूद तृकां का जनाधार बढ़ने की बात उत्तर बंगाल विकास मंत्री व दार्जिलिंग जिला तृकां के अध्यक्ष गौतम देव ने की है. वह शुक्रवार को स्थानीय सेवक मोड़ संलग्न जिला पार्टी मुख्यालय विधान भवन में चुनाव में मिली शिकस्त की ‘मंथन मीटिंग’ से पहले मीडिया का सामना किया. उन्होंने कहा कि चुनाव में हार जरूर मिली है लेकिन ग्रामीणों का समर्थन अधिक मिला है.
उन्होंने सिलीगुड़ी महकमा परिषद, पंचायत समिति व ग्राम पंचायत के त्रिस्तरीय चुनाव में विरोधियों को मिले मतदान के तुलना में तृकां को मिले अधिक मतों का पूरा ग्राफ मीडिया के सामने रखा. इसकी उन्होंने आधिकारिक रुप से पुष्टि भी की. इतना ही नहीं श्री देव ने तृकां के स्थापना दिवस के बाद से अब-तक सभी स्तरों के चुनावों में लगातार जनसमर्थन बढ़ने का दावा किया. उन्होेंने कहा कि इस पंचायत चुनाव में ‘अशोक मॉडल’ नहीं बल्कि ‘जनता जनारदन मॉडल’ ही छाया रहा. श्री देव ने कहा कि कांग्रेस ने खूनी वाम मोरचा से हाथ मिलाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. कांग्रेस पहले तृकां के साथ मिलकर लड़ी थी, उसकी सीटे बढ़ी थी.
लेकिन इस बार के चुनाव में सिलीगुड़ी महकमा परिषद से कांग्रेस का पूरी तरह सफाया हो गया और पंचायत समिति व ग्राम पंचायत में भी पिछले चुनावों की तुलना में सीटे काफी कम है. श्री देव ने कहा कि जिस तरह से जनता का तृकां पर लगातार आस्था व भरोसा बढ़ रहा है. इससे साफ जाहिर है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी ‘दीदी’ का ही जलवा छाया रहेगा.
बंगाल में वापस मां-माटी-मानुष की ममता सरकार को बनने से कोई नहीं रोक सकता. हिंसक पंचायत चुनाव के सवाल पर मंत्री मीडिया कर्मियों पर भड़क उठे. श्री देव ने मीडिया पर पक्षपात करने का आरोप लगाया. उन्होेंने कहा कि चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर बमबाजी, बूथ लूट, इवीएम में तोड़-फोड़, मतदाताओं में आतंक फैलाना तृकां को बदनाम करने की साजिश थी. श्री देव ने कहा कि माटीगाड़ा के टीपा मतदान केंद्र में बमबाजी व तृकां के उम्मीदवार को बुरी तरह पीटने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कांग्रेस उम्मीदवार व अन्य दो कांग्रेसी जेल की हवा खा रहे हैं.
